महाशिवरात्रि 2026: आज रात 2.30 बजे खुलेंगे महाकाल मंदिर के पट 44 घंटे तक होंगे लगातार दर्शन , महाशिवरात्रि पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब
महाशिवरात्रि का पावन पर्व जैसे ही करीब आता है वैसे ही आस्था का सागर उमड़ने लगता है। इस बार उज्जैन स्थित Shri Mahakaleshwar Temple में महाशिवरात्रि 2026 को लेकर भव्य तैयारियां की गई हैं। महाकाल की नगरी दुल्हन की तरह सजी हुई है और शिव पार्वती विवाह उत्सव के बीच 44 घंटे तक लगातार दर्शन की व्यवस्था की गई है। अनुमान है कि इस महापर्व पर करीब दस लाख श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचेंगे।
44 घंटे तक खुले रहेंगे मंदिर के पट
महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर के पट शनिवार रात 2.30 बजे खोले जाएंगे और 16 फरवरी की रात 11 बजे तक खुले रहेंगे। इस दौरान बिना रुके लगातार 44 घंटे तक दर्शन होंगे। गर्भगृह में महापूजा संपन्न होगी और बाबा महाकाल को सवा मन फल फूलों से बने मुकुट से सजाया जाएगा। श्रद्धालु निराकार स्वरूप में भगवान के दिव्य दर्शन कर सकेंगे। विशेष बात यह है कि 16 फरवरी की भस्म आरती इस दिन दोपहर में की जाएगी जो साल में एक ही बार होती है।
ये भी पढ़ें रंगपंचमी पर इंदौर में दिखेगा रंगों का सबसे बड़ा नजारा 100 फीट तक उड़ेंगे रंग हजारों लोग होंगे शामिलचरणबद्ध पूजा और विशेष आयोजन
महाशिवरात्रि की रात 2.30 बजे पट खुलने के बाद भस्म आरती होगी। तड़के 4.30 बजे से जलधारा अर्पित करते हुए दर्शन शुरू होंगे। सुबह बाल भोग और भोग आरती के बाद दिनभर अलग अलग समय पर विशेष पूजन होंगे। रात 11 बजे महानिशाकाल में महापूजा आरंभ होगी जो पूरी रात चलेगी। अगले दिन तड़के बाबा महाकाल को दूल्हा स्वरूप में सजाया जाएगा और मुकुट दर्शन कराए जाएंगे। दोपहर में भोग आरती के बाद महापर्व का समापन होगा।
दर्शन के लिए अलग अलग प्रवेश व्यवस्था
सामान्य दर्शनार्थियों के लिए कर्कराज पार्किंग से कतार प्रारंभ होगी और निर्धारित मार्ग से प्रवेश कराया जाएगा। 250 रुपये के शीघ्र दर्शन टिकट धारकों के लिए अलग द्वार तय किए गए हैं ताकि उन्हें कम समय में दर्शन हो सकें। प्रोटोकॉल के तहत आने वाले वीवीआईपी श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष प्रवेश द्वार निर्धारित है। प्रशासन का दावा है कि सामान्य श्रद्धालुओं को लगभग 40 मिनट में और शीघ्र दर्शन वालों को 25 मिनट में दर्शन कराए जाएंगे।
व्यापक सुविधाएं और सुरक्षा इंतजाम
महाशिवरात्रि को देखते हुए पेयजल शौचालय जूता स्टैंड पार्किंग और चिकित्सालय जैसी मूलभूत सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए व्हील चेयर की व्यवस्था रहेगी। अन्नक्षेत्र में फलाहार की व्यवस्था की जाएगी। यातायात सुचारू रहे इसके लिए तकनीकी टीम गूगल मैप के माध्यम से भीड़ को नियंत्रित करेगी ताकि श्रद्धालु जाम में न फंसे।
महाकाल की नगरी में इस बार महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं बल्कि आस्था का विराट उत्सव बनकर सामने आएगी। 44 घंटे तक चलने वाले इस दिव्य आयोजन में शिव भक्तों को अलौकिक अनुभव प्राप्त होगा।
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