ऑनलाइन गेमिंग की खतरनाक लत ने उजाड़ दिया पूरा परिवार, कर्ज में डूबे पिता ने जहर देकर पत्नी और बेटी की ले ली जान
मध्य प्रदेश के शहडोल से एक ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। ऑनलाइन गेमिंग की लत ने एक हंसते खेलते परिवार को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं बल्कि समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी बनकर सामने आई है।
शहडोल शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र की पुरानी बस्ती में रहने वाले एक परिवार में ऐसा हादसा हुआ जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया। कर्ज और मानसिक तनाव से परेशान एक पिता ने ऐसा कदम उठा लिया जिसके बाद पूरा परिवार खत्म हो गया और पीछे रह गया सिर्फ एक मासूम बेटा।
ऑनलाइन गेमिंग की लत ने बढ़ाया कर्ज और तनाव
पुलिस की जानकारी के अनुसार शहडोल की पुरानी बस्ती में रहने वाले शंकर लाल गुप्ता को ऑनलाइन गेमिंग की लत लग गई थी। बताया जा रहा है कि वह BDG और Aviator जैसे ऑनलाइन गेम खेलते थे जिनमें लोग पैसे लगाकर दांव लगाते हैं।
धीरे धीरे यह शौक एक खतरनाक लत में बदल गया। खेल में लगातार पैसे हारने के कारण शंकर लाल गुप्ता पर लाखों रुपये का कर्ज हो गया। आर्थिक दबाव बढ़ता गया और मानसिक तनाव भी गहराता गया।
बताया जाता है कि इसी तनाव में उन्होंने 24 फरवरी की रात एक ऐसा फैसला ले लिया जिसने पूरे परिवार की जिंदगी छीन ली।
कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाकर पत्नी और बेटी को पिलाया
घटना 24 फरवरी की दरमियानी रात की बताई जा रही है। आरोप है कि शंकर लाल गुप्ता ने कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाया और सबसे पहले अपनी पत्नी राजकुमारी और बेटी स्वाति को वह पेय पिला दिया।
इसके बाद उन्होंने खुद भी वही जहरीला पेय पी लिया। कुछ ही देर में तीनों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। घर में घबराहट का माहौल बन गया और परिवार के लोगों को समझ नहीं आया कि आखिर अचानक क्या हो गया।
पड़ोसियों और परिजनों की मदद से तीनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया।
इलाज के दौरान तीनों की हो गई मौत
अस्पताल में इलाज के दौरान सबसे पहले 25 फरवरी को शंकर लाल गुप्ता और उनकी बेटी स्वाति गुप्ता की मौत हो गई। वहीं उनकी पत्नी राजकुमारी को मेडिकल कॉलेज शहडोल में भर्ती किया गया था जहां उनका लगातार इलाज चल रहा था।
करीब आठ दिनों तक डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन आखिरकार वह भी जिंदगी की लड़ाई हार गईं। राजकुमारी की मौत के साथ ही इस दर्दनाक घटना में पूरे परिवार का अंत हो गया।
यह खबर सामने आते ही पूरे शहर में शोक और हैरानी का माहौल बन गया।
अब परिवार में बचा सिर्फ एक मासूम बेटा
इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार में अब केवल 15 साल का बेटा अनिकेत गुप्ता ही बचा है। घटना के समय वह घर पर मौजूद नहीं था। इसी वजह से वह उस जहरीले पेय को पीने से बच गया और उसकी जान बच गई।
अब यह मासूम बच्चा अचानक अपने पूरे परिवार को खो चुका है। इस घटना ने पूरे शहर को गहरे सदमे में डाल दिया है और लोग इस हादसे को सुनकर बेहद दुखी हैं।
एक गलत फैसले ने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं और पीछे छोड़ गया अकेलापन और दर्द।
समाज के लिए चेतावनी बन गई यह घटना
शहडोल की यह घटना सिर्फ एक पारिवारिक त्रासदी नहीं बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। ऑनलाइन गेमिंग और सट्टा जैसे प्लेटफॉर्म कई लोगों के लिए खतरनाक लत बनते जा रहे हैं।
ऐसे गेम कई बार लोगों को आर्थिक और मानसिक रूप से तोड़ देते हैं। यही कारण है कि विशेषज्ञ भी बार बार लोगों को इस तरह की लत से दूर रहने की सलाह देते हैं।
यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि मनोरंजन के नाम पर शुरू हुई चीज कब किसी की जिंदगी को तबाह कर सकती है इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है।
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युवा और ऊर्जावान पत्रकार चयन प्रजापत 'रॉयल बुलेटिन' के लिए मध्य प्रदेश के इंदौर से रिपोर्टिंग कर रहे हैं। आपकी मुख्य विशेषज्ञता खेल (Sports), कृषि (Farming) और ऑटोमोबाइल (Automobile) सेक्टर में है। चयन प्रजापत इन विषयों की तकनीकी समझ के साथ-साथ ज़मीनी हकीकत को अपनी खबरों में पिरोने के लिए जाने जाते हैं। इंदौर और मालवा क्षेत्र की खबरों के साथ-साथ ऑटोमोबाइल और खेल जगत की विशेष कवरेज के लिए आप रॉयल बुलेटिन के एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।

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