मध्यप्रदेश में कर्मचारियों की बल्ले बल्ले, डीए 3 प्रतिशत बढ़कर 58 प्रतिशत, 7 लाख कर्मचारी और 3 लाख पेंशनर्स को सीधा फायदा
अगर आप भी मध्यप्रदेश के शासकीय कर्मचारी या पेंशनर्स हैं तो आपके लिए राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार ने महंगाई के इस दौर में बड़ी घोषणा करते हुए महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार शाम इस फैसले को सार्वजनिक किया। इस निर्णय से 7 लाख से अधिक कार्यरत कर्मचारी और करीब 3 लाख पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलेगा। लंबे समय से बढ़ती कीमतों के बीच यह फैसला लाखों परिवारों के लिए आर्थिक सहारा साबित होगा।
अप्रैल से 58 प्रतिशत डीए लागू होगा
सरकार ने महंगाई भत्ते की नई दर 58 प्रतिशत तय की है। यह बढ़ोतरी अप्रैल महीने से प्रभावी मानी जाएगी। हालांकि इसका वास्तविक भुगतान कर्मचारियों और पेंशनर्स को मई में मिलने वाले वेतन के साथ मिलेगा। यानी अप्रैल के वेतन में बढ़ी हुई राशि जुड़कर आएगी। इससे कर्मचारियों की सैलरी स्लिप में साफ तौर पर बढ़ोतरी दिखाई देगी और मासिक बजट को संभालने में राहत मिलेगी।
हर महीने 500 से 4300 रुपये तक बढ़ेगी आय
इस फैसले का असर हर कर्मचारी की आय पर अलग अलग पड़ेगा। अनुमान के मुताबिक मासिक वेतन में लगभग 500 रुपये से लेकर 4300 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। यह बढ़ोतरी कर्मचारी के मूल वेतन ग्रेड पे और सेवा श्रेणी पर निर्भर करेगी। उच्च वेतनमान वाले अधिकारियों को अधिक लाभ मिलेगा जबकि निम्न श्रेणी के कर्मचारियों को भी निश्चित अतिरिक्त राशि प्राप्त होगी। यह राशि भले अलग अलग हो लेकिन हर वर्ग के लिए राहत देने वाली है।
श्रेणीवार संभावित लाभ का अनुमान
यदि वर्ग के अनुसार देखें तो प्रथम श्रेणी के अधिकारियों को प्रतिमाह लगभग 2397 रुपये से 4230 रुपये तक का लाभ मिल सकता है। द्वितीय श्रेणी के कर्मचारियों को करीब 1683 रुपये से 2019 रुपये तक अतिरिक्त मिलेंगे। तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों को 585 रुपये से 1473 रुपये तक की बढ़ोतरी का फायदा होगा। वहीं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के वेतन में 465 रुपये से 556 रुपये तक का इजाफा संभावित है। इस तरह हर स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों को आर्थिक मजबूती मिलेगी।
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वित्तीय प्रशासन से जुड़ा एक और अहम निर्णय भी लिया गया है। कोष एवं लेखा विभाग के अंतर्गत आने वाले कोषालय अधिकारियों को अब किराये पर वाहन लेने की अनुमति दे दी गई है। इससे सरकारी कार्यों के संचालन में तेजी आएगी और प्रशासनिक कामकाज अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा। अधिकारियों को फील्ड वर्क में भी सुविधा मिलेगी जिससे काम की गति बढ़ने की उम्मीद है।
ईपीएफओ की ब्याज दर 8.25 प्रतिशत पर कायम
इधर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने भी वित्त वर्ष 2025 26 के लिए ब्याज दर 8.25 प्रतिशत पर ही बनाए रखने का फैसला किया है। लगातार दूसरे साल ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस निर्णय से देशभर के लगभग 7 करोड़ खाताधारकों को स्थिर और सुरक्षित रिटर्न मिलता रहेगा। यह फैसला बचत करने वाले कर्मचारियों के लिए भरोसे का संकेत माना जा रहा है।
महंगाई से राहत की दिशा में बड़ा कदम
सरकार के इन दोनों फैसलों को कर्मचारियों और पेंशनर्स की क्रय शक्ति बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। महंगाई भत्ते में वृद्धि और ईपीएफ ब्याज दर स्थिर रहने से लाखों परिवारों की मासिक आय और बचत पर सकारात्मक असर पड़ेगा। ऐसे समय में जब रोजमर्रा की जरूरतें महंगी हो रही हैं यह निर्णय आर्थिक संतुलन बनाए रखने में सहायक साबित होगा।
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