उत्तराखंड वासियों के लिए खुशखबरी, नौ लाख लोगों को मिला टेलीमेडिसिन सेवा का लाभ: डॉ. धन सिंह रावत
देहरादून, उत्तराखंड का प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ रहे, इसके लिये राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। सूबे में केन्द्र व राज्य पोषित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत कर आम लोगों की सेहत का ख्याल रखा जा रहा है। राज्यभर में टेलीमेडिसिन सेवा का अब तक नौ लाख से अधिक लोग लाभ उठा […]
देहरादून, उत्तराखंड का प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ रहे, इसके लिये राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। सूबे में केन्द्र व राज्य पोषित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत कर आम लोगों की सेहत का ख्याल रखा जा रहा है। राज्यभर में टेलीमेडिसिन सेवा का अब तक नौ लाख से अधिक लोग लाभ उठा चुके हैं। इस योजना में अब एम्स ऋषिकेश सहित प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेजों को भी जोड़ दिया गया है। जिससे अब आम लोग मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवा का लाभ भी उठा सकेंगे। उत्तराखंड प्रति लाख टेली कंसल्टेशन प्रदान करने के मामले में देशभर में दूसरे स्थान पर है। उक्त बातें स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कही।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत ने शुक्रवार को विधानसभा में बताया कि उत्तराखंड में टेलीमेडिसिन योजना आम लोगों के लिये वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत प्रदेश के दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को ई-संजीवनी के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा नि:शुल्क परामर्श एवं उपचार दिया जा रहा है। डॉ. रावत ने बताया कि लोगों के बीच टेलीमेडिसिन की सुगमता को देखते हुये अब एम्स ऋषिकेश सहित प्रदेश के चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों यथा दून मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज एवं अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज भी जोड़ दिया गया है, ताकि आम लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं का भी लाभ मिल सके। इन विशेषज्ञ चिकित्सकों में नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ, जनरल मेडिसिन विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, मानसिक रोग विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ, त्वचा रोग विशेषज्ञ एवं शल्य क्रिया विशेषज्ञ शामिल हैं।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश के 1068 हेल्थ एंड वेलनेस सेन्टरों के टेलीमेडिसिन स्पोक्स एवं चार मेडिकल कालेजों, एम्स ऋषिकेश, 13 जिला अस्पतालों सहित स्टेट एनएचएम एवं यूपीएचसी हब के जरिये वर्ष 2020 से अब तक कुल नौ लाख से अधिक लोगों को टेली कंसल्टेशन प्रदान किया जा चुका है। जबकि वर्ष 2022 में रिकॉर्ड 4 लाख से अधिक लोगों को टेली मेडिसिन सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जिसमें अल्मोड़ा जनपद में 43 हजार 187 लोगों को टेलीमेडिसिन सेवा दी गई, जबकि बागेश्वर में 23 हजार 659, चमोली में 38 हजार 456, चम्पावत में 24 हजार 412, देहरादून में 34 हजार 716, हरिद्वार में 61 हजार 862, नैनीताल में 36 हजार 258, पौड़ी गढ़वाल में 32 हजार 614, पिथौरागढ़ में 23 हजार 666, रूद्रप्रयाग में 30 हजार 158, टिहरी गढ़वाल में 24 हजार 772, ऊधम सिंह नगर में 39 हजार 350 एवं उत्तरकाशी में 47 हजार 535 टेलीमेडिसिन सेवाएं शामिल हैं।
डॉ. रावत ने बताया कि राज्य में टेली कंसल्टेशन का औसत परामर्श समय 2 मिनट है जबकि औसत प्रतिक्षा समय 8 मिनट है, जो कि देश के अन्य राज्यों के मुकाबले कहीं बेहतर है।
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लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
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