दान के विभिन्न रूप और उनका महत्व
बहुत से लोग अन्नदान, वस्त्रदान और धनदान को ही दान मानते हैं, लेकिन दान के अनेक रूप हैं जैसे भूमि दान, रक्तदान, विद्या दान और कन्यादान। प्रत्येक दान का अपना महत्व है और समय व आवश्यकता के अनुसार इसका मूल्य बढ़ता है।
विशेष रूप से अन्नदान, वस्त्रदान और ज्ञानदान को श्रेष्ठ माना जाता है, लेकिन कन्यादान भी इन दानों की श्रेणी में उच्च स्थान रखता है। कन्या परिवार का स्वाभिमान, विनम्रता, ममता और सेवा का प्रतीक होती है। अपने गुणों और व्यवहार से वह पति और पितृकुल दोनों को गौरवान्वित करती है और वंश की रक्षा करती है।
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