शामली। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले मंगलवार को करीब आधा दर्जन विद्युत संविदा कर्मी कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां उन्होंने अपर जिलाधिकारी (एडीएम) को एक शिकायती पत्र सौंपते हुए प्राइम वन वर्क फोर्स कंपनी पर विद्युत कर्मियों के उत्पीड़न और मनमानी का आरोप लगाया। कर्मचारियों ने इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
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कर्मचारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 से जिले में प्राइम वन वर्क फोर्स कंपनी कार्यरत है, जिसके अधीन बड़ी संख्या में विद्युत संविदा कर्मचारी काम कर रहे हैं। आरोप है कि अब तक जितने भी विद्युत कर्मियों के दुर्घटनाएं हुई हैं, उनमें से किसी को भी बीमा क्लेम नहीं दिलवाया गया। इलाज के दौरान कंपनी के प्रतिनिधियों ने खर्च के बिल भी लिए, लेकिन उसके बावजूद कोई कार्यवाही नहीं की गई।
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कंपनी द्वारा एग्रीमेंट के तहत कर्मचारियों को संपूर्ण रूप से सेफ्टी किट भी उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिसके चलते विद्युत कर्मियों को अपनी जान खतरे में डालकर काम करना पड़ रहा है। इसके अलावा, कंपनी बिना किसी पूर्व सूचना के कर्मचारियों को नौकरी से हटा रही है, जिससे उनमें आक्रोश व्याप्त है।
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विद्युत कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी ने उनका उत्पीड़न शुरू कर दिया है। कर्मचारियों को बार-बार इधर से उधर ट्रांसफर कर परेशान किया जा रहा है। आपात स्थिति में कंपनी के प्रतिनिधियों से संपर्क करने की कोशिश करने पर भी उनके फोन नहीं उठाए जाते, और अगर कोई कर्मचारी आवाज उठाता है तो उसे नौकरी से निकाल दिया जाता है।
विद्युत संविदा कर्मियों ने अपर जिलाधिकारी से इस मामले में संज्ञान लेने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है। एडीएम ने विद्युत संविदा कर्मियों को आश्वासन दिया है कि मामले की जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।