रजत भस्म: चांदी के शोधन से बना पाउडर त्वचा को देगा नई ऊर्जा, मिलेगा प्राकृतिक निखार
नई दिल्ली। आयुर्वेद में सदियों से जड़ी-बूटियों के जरिए बीमारियों का उपचार किया जा रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भस्म के जरिए भी कई बीमारियों से निजात पाई जा सकती है? हम बात कर रहे हैं रजत भस्म की। रजत मतलब चांदी और भस्म मतलब राख। ये चांदी की राख होती है, जिसमें विभिन्न प्रकार की जड़ी-बूटियों को मिलाकर राख को औषधि बना दिया जाता है।
इन्हीं गुणों की वजह से रजत भस्म को त्वचा के लिए सबसे ज्यादा लाभकारी माना गया है। अगर स्किन का प्राकृतिक निखार गायब हो गया है, त्वचा रूखी और बेजान हो गई है और हद से ज्यादा संवेदनशील है, तो रजत भस्म का लेप एक बार में ही सारी परेशानियों से राहत देगा। रजत भस्म त्वचा की इरिटेशन को कम करता है, त्वचा के प्राकृतिक निखार को वापस लाता है, त्वचा की लेयर को मजबूत करता है, और त्वचा की भीतरी परतों में ऑक्सीजन का संचार तेजी से करता है। रजत भस्म को बादाम तेल या जैतून के तेल के साथ मिलाकर चेहरे पर लगा सकते हैं। हफ्ते में दो बार रजत भस्म का पैक चेहरे पर लगाया जा सकता है। पहले अपनी त्वचा के पीएच मान को देखते हुए रजत भस्म के पैक को पहले चेहरे पर थोड़ा सा लगाकर रहने दें। अगर किसी प्रकार की परेशानी जैसे खुजली या लाल चकत्ते नहीं पड़ते हैं, तभी भस्म का इस्तेमाल कर सकते हैं।
