मुजफ्फरनगर। नरेश टिकैत ने बताया कि आजकल पूरे देश में किसानों के मुद्दों पर सुनवाई नहीं हो रही है और प्रशासन भी किसानों के खिलाफ बेइज्जती करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने बताया कि अधिकारी इतने बेलगाम हो गए हैं कि यदि कोई विरोधी आवाज उठाता है, तो उन्हें दबाने के लिए पुलिस का सहारा लिया जाता है। उन्होंने खासकर पुलिस के रवैये पर चिंता जताते हुए बताया कि पुलिस बल इस हद तक पहुंच चुका है कि किसानों और जनता की आवाज को दबाने के लिए दबाव डालने का काम कर रहा है।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में अब तक 18 की मौत, कई घायल,सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान
नरेश टिकैत ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन अधिकारी उनकी परेशानियों को नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को किसानों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, न कि उनकी बेइज्जती करना और उनकी आवाज दबाने की कोशिश करनी चाहिए।
नरेश टिकैत का यह बयान एक ऐसे वक्त में आया है, जब किसानों के विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि किसान संगठनों को अपनी एकजुटता बनाए रखते हुए, अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखनी होगी।