गाजियाबाद। महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक का कार्यक्रम मंगलवार की रात 12 बजे से शुरू हो गया है। जो आजह बुधवार को देर रात तक जारी रहेगा। महाशिवरात्रि का जलाभिषेक करने के लिए रात से ही सिद्धपीठ दूधेश्वरनाथ मठ मंदिर के बाहर शिव भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लग गई थी। रात 12 बजाते ही शिव भक्तों ने जलाभिषेक शुरू कर दिया। जिसके बाद पूरा दूधेश्वरनाथ मठ मंदिर हर-हर महादेव, ओम नम: शिवाय और भगवान भोलेनाथ के जयघोष से गूंज उठा।
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शिवरात्रि महापर्व पर किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए यहां रात से ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने व्यवस्थाओं को संभालने के लिए डेरा डाल लिया था। दूधेश्वरनाथ मठ मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर रूट डायवर्जन करने के साथ ही कई स्थानों पर अस्थाई पार्किंग भी बनाई गई है। वहीं दूधेश्वरनाथ मठ मंदिर के महंत नारायण गिरी ने बताया है कि मंगलवार को विशेष पूजा अर्चना के बाद भगवान दूधेश्वरनाथ का महाशिवरात्रि वाला जलाभिषेक शुरू हो गया, जो बुधवार की देर रात तक जारी रहेगा।
दूधेश्वरनाथ मठ मंदिर भगवान भोलेनाथ का प्राचीन शिव मंदिर है। इसकी अलग आस्था और मान्यताएं हैं। महाशिवरात्रि के पर्व के चलते मंगलवार रात से ही यहां महिलाओं, बुजुर्गाे, युवाओं और परिवार के साथ पहुंचने वाले शिव भक्तों की लंबी-लंबी कतारें देखी गई हैं।
दूधेश्वरनाथ मठ मंदिर पर देर रात से महाशिवरात्रि का जलाभिषेक शुरू हो गया था, इसलिए यहां पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों, स्वास्थ्य अधिकारी और नगर निगम से लेकर अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस कमिश्नर यहां की लाइव फीड से अपडेट लेते रहे थे। तो डीसीपी सिटी राजेश कुमार, एसीपी घंटाघर कोतवाली रितेश त्रिपाठी, थाना प्रभारी घंटाघर कोतवाली अनुराग सहित बड़ी संख्या में एसीपी, इंस्पेक्टर, महिला सबइंस्पेक्टर और महिला पुलिसकर्मियों को यहां ड्यूटी पर लगाया गया है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सा काउंटर बनाया गया है। तो रात्रि में एसडीएम निखिल चक्रवर्ती की भी प्रशासनिक दृष्टि से ड्यूटी लगाई गइ थी।
सीसीटीवी और रूफटॉप ड्यूटी भी लगाई गई हैं।
डीसीपी सिटी जोन राजेश कुमार ने जानकारी दी है कि दूधेश्वरनाथ मठ मंदिर पर महाशिवरात्रि के जलाभिषेक के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी ना हो और रुकावट ना आए, इसके लिए 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी, 50 से अधिक सीसीटीवी मॉनिटरिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। वहीं ड्रोन और रूफटॉप ड्यूटी लगाकर भी भीड़ और लोगों को नियंत्रित करने का काम किया गया है। वहीं बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को मंदिर परिसर और आसपास के मार्ग पर लगाया गया है ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी न होने पाए।