चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा द्वारा संत सीचेवाल मॉडल को लेकर दिए गए बयान के बाद राज्य का सियासी पारा चढ़ गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाजवा पर तीखा हमला बोला और उनकी टिप्पणी को लेकर कहा कि इससे उनकी “मानसिक अस्थिरता” जाहिर होती है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि संत सीचेवाल ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है और इसी वजह से आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने उन्हें राज्यसभा सदस्य के रूप में सम्मानित किया। उन्होंने बाजवा पर कटाक्ष करते हुए कहा, “बाजवा हर सुबह शीशे के सामने खड़े होकर पगड़ी बांधते हैं और सोचते हैं कि मैं कब मुख्यमंत्री बनूंगा? कभी दिवाली पर सरकार गिराने की बात करते हैं, तो कभी होली पर।” भगवंत मान ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह को भारत रत्न देने के मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी, तब उन्होंने भगत सिंह को यह सम्मान क्यों नहीं दिया, जबकि वह (मान) खुद सांसद रहते हुए इस मुद्दे को संसद में उठा चुके थे। उन्होंने कहा कि दो पूर्व प्रधानमंत्रियों, जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी, ने भारत रत्न के लिए अपने नाम की सिफारिश की थी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री मान ने हालिया बजट को लेकर मिल रही प्रतिक्रियाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोगों से बधाई मिल रही है क्योंकि कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है। साथ ही, शिक्षा और खेलों के लिए बजट में काफी राशि आवंटित की गई है। वहीं, मुख्यमंत्री मान ने 23 मार्च को कहा था कि राज्य सरकार स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के सपनों को पूरा करने के लिए प्रयास कर रही है और इस काम के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। सरकार आने वाली पीढ़ियों के लिए इन महान शहीदों की विरासत को कायम रखने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार ने इन शहीदों को श्रद्धांजलि के रूप में 300 करोड़ रुपये की लागत से शहीद भगत सिंह मेडिकल कॉलेज का निर्माण करने का फैसला किया है। उन्होंने याद दिलाया कि सरकार के प्रयासों के कारण मोहाली हवाई अड्डे का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा गया है।