अलीगढ़: ईद की नमाज को लेकर सांसद का विवादित बयान, कहा– क्या अब हमारी छाती पर चढ़ेंगे?

अलीगढ़। अलीगढ़ के सांसद सतीश गौतम ने ईद की नमाज मैदान में कराए जाने की मांग को लेकर एक बड़ा विवादित बयान दिया है, जिससे जिले का राजनीतिक और सामाजिक पारा चढ़ गया है। नमाज के लिए जगह की मांग कर रहे मुस्लिम पक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए सांसद ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ईद की नमाज के लिए किसी भी नई परंपरा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सुबह चार बजे से चिल्लाते हैं, अब छाती पर चढ़ेंगे क्या?
सांसद सतीश गौतम ने मीडिया से बात करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि ये लोग सुबह चार बजे से ही लाउडस्पीकर पर चिल्लाना शुरू कर देते हैं, जिससे दूसरों को परेशानी होती है। उन्होंने आगे कहा कि अब क्या ये लोग हमारी छाती पर चढ़कर नमाज पढ़ेंगे? सांसद ने दो टूक लहजे में कहा कि सड़क पर या किसी नए मैदान में नमाज पढ़ने की जिद कतई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन को भी संकेत दिए हैं कि किसी भी प्रकार की नई व्यवस्था लागू न होने दी जाए।
पुरानी परंपराओं का दिया हवाला
सतीश गौतम ने तर्क दिया कि जो नमाज सदियों से ईदगाह के अंदर होती आई है, वह वहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति अब खत्म हो चुकी है और नियम सभी के लिए समान हैं। सांसद के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों या खेल के मैदानों को धार्मिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति देना गलत परंपरा की शुरुआत होगी, जिसे वह शहर में होने नहीं देंगे।
विपक्ष और मुस्लिम समाज में रोष
सांसद के इस बयान के बाद मुस्लिम समाज के नेताओं और विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विरोधियों का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि को इस तरह की अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इस बयान ने ईद से पहले शहर के सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। स्थानीय प्रशासन अब स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था कायम रहे।
भाजपा सांसद के इस बयान पर अभी तक पार्टी के आलाकमान की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह बयान तेजी से वायरल हो रहा है।
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