1 अप्रैल 2026 से FASTag Annual Pass होगा महंगा, अब देना होगा ज्यादा पैसा जानिए नई कीमत और पूरा नियम

अगर आप अक्सर हाईवे या एक्सप्रेसवे पर यात्रा करते हैं तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण हो सकती है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी NHAI ने FASTag Annual Pass की कीमत में हल्का बदलाव किया है। अब इस पास की कीमत तीन हजार रुपये से बढ़ाकर तीन हजार पचहत्तर रुपये कर दी गई है। यह नई कीमत एक अप्रैल दो हजार छब्बीस से लागू होने वाली है।
सरकार के अनुसार यह बढ़ोतरी बहुत मामूली है लेकिन इससे टोल सिस्टम को बेहतर बनाए रखने और प्रबंधन को मजबूत करने में मदद मिलेगी। यह पास खास तौर पर निजी वाहनों के लिए बनाया गया है और इसके जरिए पूरे देश के राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे पर यात्रा करना पहले से ज्यादा आसान हो जाता है।
FASTag Annual Pass क्या है और इसे क्यों शुरू किया गया
FASTag Annual Pass को पंद्रह अगस्त दो हजार पच्चीस को शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य उन वाहन चालकों को राहत देना था जो रोज या अक्सर हाईवे से यात्रा करते हैं। बार बार टोल भुगतान करने की परेशानी से बचाने के लिए यह नई सुविधा शुरू की गई थी।
इस पास के तहत कार जीप और वैन जैसे गैर व्यावसायिक वाहनों के मालिक एक तय रकम देकर पूरे साल टोल प्लाजा पार कर सकते हैं। इससे बार बार भुगतान करने की जरूरत नहीं पड़ती और यात्रा भी तेज और आसान हो जाती है।
एक साल या दो सौ टोल क्रॉसिंग तक वैध रहता है पास
FASTag Annual Pass की वैधता एक वर्ष या दो सौ टोल प्लाजा क्रॉसिंग तक होती है। इनमें से जो भी सीमा पहले पूरी हो जाती है उसी समय पास समाप्त माना जाता है।
अगर किसी वाहन ने दो सौ टोल क्रॉसिंग पूरी कर ली तो उसके बाद यह पास सामान्य FASTag की तरह काम करने लगता है। हालांकि वाहन मालिक चाहें तो दोबारा नया Annual Pass खरीद सकते हैं और अपनी यात्रा को फिर से आसान बना सकते हैं।
मौजूदा FASTag पर ही एक्टिवेट हो जाता है Annual Pass
इस पास की सबसे खास बात यह है कि इसके लिए नया FASTag खरीदने की जरूरत नहीं होती। अगर किसी वाहन में पहले से FASTag लगा हुआ है तो उसी पर Annual Pass को एक्टिवेट किया जा सकता है।
इसके लिए वाहन और उससे जुड़े FASTag की पात्रता की जांच की जाती है। सत्यापन पूरा होने के बाद Annual Pass सक्रिय हो जाता है और वाहन मालिक बिना बार बार भुगतान किए टोल प्लाजा पार कर सकता है।
देश में तेजी से बढ़ रही है FASTag Annual Pass की लोकप्रियता
सरकारी आंकड़ों के अनुसार FASTag Annual Pass को लोगों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। इसके लॉन्च के बाद से अब तक छप्पन लाख से ज्यादा उपयोगकर्ता इस पास को खरीद चुके हैं।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्गों पर कार से होने वाले कुल टोल ट्रांजैक्शन में लगभग अट्ठाइस प्रतिशत हिस्सा Annual Pass के जरिए हो रहा है। यह बताता है कि नियमित यात्रा करने वाले लोगों के बीच यह सुविधा तेजी से लोकप्रिय बन रही है।
FASTag Annual Pass कहां से खरीदा जा सकता है
निजी वाहन मालिक इस पास को ऑनलाइन आसानी से खरीद सकते हैं। इसके लिए दो आधिकारिक प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं।
पहला विकल्प NHAI की आधिकारिक वेबसाइट है और दूसरा विकल्प Rajmarg Yatra मोबाइल एप्लिकेशन है। यह ऐप Google Play Store और Apple App Store दोनों पर उपलब्ध है। पास खरीदने के बाद वाहन और FASTag की जानकारी की जांच की जाती है और पात्रता सत्यापित होने पर Annual Pass सक्रिय कर दिया जाता है।
FASTag इस्तेमाल करते समय इन नियमों का पालन जरूरी
FASTag का उपयोग करते समय कुछ जरूरी नियमों का पालन करना भी आवश्यक होता है। FASTag को वाहन की विंडशील्ड पर सही तरीके से लगाना जरूरी होता है और इसे वाहन के वैध रजिस्ट्रेशन नंबर से लिंक करना होता है।
यह टैग पूरी तरह वाहन विशेष होता है यानी जिस वाहन पर यह लगा है उसी पर इसका उपयोग किया जा सकता है। अगर इसे किसी दूसरे वाहन पर इस्तेमाल किया जाता है तो FASTag को निष्क्रिय भी किया जा सकता है।
किन टोल प्लाजा पर लागू होता है FASTag Annual Pass
FASTag Annual Pass केवल राष्ट्रीय राजमार्ग और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे पर मौजूद लगभग एक हजार एक सौ पचास टोल प्लाजा पर लागू होता है। अगर कोई टोल प्लाजा राज्य सरकार या स्थानीय निकाय द्वारा संचालित है तो वहां यह पास लागू नहीं होगा।
ऐसी स्थिति में FASTag सामान्य FASTag की तरह काम करेगा और वाहन मालिक को निर्धारित टोल शुल्क देना होगा।
भारत में FASTag सिस्टम का बढ़ता इस्तेमाल
भारत में FASTag सिस्टम को दो हजार सोलह में शुरू किया गया था और तब से इसका उपयोग तेजी से बढ़ा है। अब तक देश में ग्यारह करोड़ से ज्यादा FASTag जारी किए जा चुके हैं और इनमें से करीब छह करोड़ सक्रिय हैं।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर आज कुल टोल भुगतान का लगभग अट्ठानवे प्रतिशत हिस्सा FASTag के जरिए ही किया जा रहा है। इससे टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत कम हो गई है और यातायात पहले से ज्यादा सुचारू हो गया है।
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युवा और ऊर्जावान पत्रकार चयन प्रजापत 'रॉयल बुलेटिन' के लिए मध्य प्रदेश के इंदौर से रिपोर्टिंग कर रहे हैं। आपकी मुख्य विशेषज्ञता खेल (Sports), कृषि (Farming) और ऑटोमोबाइल (Automobile) सेक्टर में है। चयन प्रजापत इन विषयों की तकनीकी समझ के साथ-साथ ज़मीनी हकीकत को अपनी खबरों में पिरोने के लिए जाने जाते हैं। इंदौर और मालवा क्षेत्र की खबरों के साथ-साथ ऑटोमोबाइल और खेल जगत की विशेष कवरेज के लिए आप रॉयल बुलेटिन के एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।

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