ग्रेटर नोएडा में साइबर अपराधियों ने बुजुर्ग को किया डिजिटल अरेस्ट, 1. 29 करोड़ 29 ठगे

नोएडा । ग्रेटर नोएडा में रहने वाले एक बुजुर्ग को साइबर अपराधियों ने लगभग 20 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 1. 29 करोड़ की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर थाना साइबर क्राइम पुलिस घटना की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
एडीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने बताया कि दिलीप कुमार दास ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह शिवालिक होम सोसाइटी साइड- सी सूरजपुर ग्रेटर नोएडा में रहते हैं। पीड़ित के अनुसार वह एक सीनियर सिटीजन है। पीड़ित के अनुसार उन्हें 6 फरवरी को एक फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि वह ट्राई के अधिकारी हैं। कथित ट्राई के अधिकारी ने पीड़ित से कहा कि एक मुकदमा दर्ज हुआ है, जिसकी जांच सीबीआई कर रही है। आप जांच के लिए 2 घंटे के अंदर मुंबई पहुंचे। जब पीड़ित ने कहा कि मैं सीनियर सिटीजन हूं और नोएडा से मुंबई 2 घंटे में नहीं पहुंच सकता तो, उसने कहा कि वीडियो कॉल पर आपके बयान दर्ज किए जाएंगे ,और जब तक बयान नहीं दर्ज हो जाते तब तक आप डिजिटल अरेस्ट रहेंगे। किसी से संपर्क नहीं करेंगे।
पीड़ित के अनुसार उनके ऊपर झूठा आरोप लगाया गया। कहा गया कि आपने केनरा बैंक में अकाउंट खुलवाया, जिसे नरेश गोयल नाम के एक व्यक्ति को 5 लाख में बेच दिया था। इस खाते में दो करोड़ रुपए जमा किए गए थे। और आपको 10 प्रतिशत कमीशन मिला था। इस दौरान बुजुर्ग को धमकी दी गई कि आपके खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज किया गया है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पीड़ित के अनुसार इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए एक कोर्ट रूम से उन्हें जोड़ा गया। वहां पर जज का चोगा पहने एक व्यक्ति बैठे था , तथा उनके बगल में पुलिस अधिकारी खड़े थे। कथित जज ने पीड़ित को गिरफ्तार करने का आदेश दिया तो पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह एक सीनियर सिटीजन है और जांच में सहयोग कर रहे हैं।
इसके बाद उनसे कहा गया कि आपके बैंक अकाउंट में जितना भी पैसे हैं, उसके बारे में जानकारी दीजिए। अकाउंट वेरीफाई किए जाएंगे, उन्हें एक बैंक अकाउंट की जानकारी दी गई, जिसमें सारी रकम ट्रांसफर करवाई गई। उसके बाद कहा गया की जांच के बाद जब यह पता चलेगा कि आप निर्दोष है तो सारी रकम आपको ट्रांसफर कर दी जाएगी। पीड़ित के अनुसार आरोपियों ने करीब 20 दिन तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा तथा इस बीच उन्होंने कई बार में अपनी कुल जमा पूंजी एक करोड़ 29 लाख 61 हजार 962 रुपए आरोपियों के बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिया। काफी दिन बाद भी उनकी रकम वापस नहीं आई तो पीड़ित को शक हुआ तथा उन्होंने पुलिस से इस मामले की शिकायत की। एडीसीपी ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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