संभल में फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार, फिंगरप्रिंट स्कैनर, लैपटॉप बरामद

संभल । उत्तर प्रदेश के जनपद संभल की बहजोई कोतवाली पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड बनाने और उनमें संशोधन करने वाले गिराेह के तीन सदस्याें को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मौके से आठ फर्जी आधार कार्ड, लैपटॉप, फिंगरप्रिंट स्कैनर सहित कई उपकरण बरामद किए हैं। यह कार्रवाई आधार कार्ड संशोधन आईडी को हैक कर अवैध रूप से काम करने वाले गिरोह के खिलाफ की गई है। पुलिस इस मामले में फरार चार अन्य आरोपिताें की तलाश कर रही है।
रविवार को संभल की बहजोई कोतवाली पुलिस ने अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में इनकी गिरफ्तारी का खुलासा किया। अपर पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह और बहजोई के पुलिस क्षेत्राधिकारी डॉ प्रदीप कुमार ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि जनता से शिकायतें मिलने के बाद बहजोई पुलिस ने छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान जसवीर कुमार, हरीश और विल्टू को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने किसी अन्य केंद्र की आईडी हैक कर ली थी और अज्ञात स्थानों से अवैध रूप से आधार कार्ड बनाने का काम कर रहे थे। पुलिस ने उनके पास से भारी मात्रा में उपकरण जब्त किए हैं और सुसंगत धाराओं में दो मुकदमे दर्ज किए हैं। अभियुक्तों से पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
ये भी पढ़ें दर्दनाक हादसा: अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी कार, 2 पर्यटकों की मौत, 2 गंभीर रूप से घायलआरोपित किसी मुख्य आईडी को हैक करके उसका इस्तेमाल कर रहे थे। वे इंटरनेट के माध्यम से किसी अज्ञात स्थान पर बैठकर इन आईडी का प्रयोग कर रहे थे, पूछताछ में पता चला है कि वे एक विशेष सॉफ्टवेयर के जरिए सिस्टम में सेंध लगाते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उन्होंने सिर्फ एक ही आईडी हैक की थी या अन्य राज्यों/ स्थानों की आईडी का भी इस्तेमाल किया गया है। फरार साथियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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