चांदी की ज्वेलरी पर भी अनिवार्य होगा हॉलमार्क ? आगरा में BIS की टीम ने मैन्युफैक्चरर्स के साथ की बड़ी बैठक
आगरा। चांदी की ज्वेलरी के बड़े केंद्र आगरा में हॉलमार्किंग व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने की दिशा में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गुरुवार को इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के राष्ट्रीय स्किल डेवलपमेंट डायरेक्टर मनोज पुंडीर के नेतृत्व में BIS की उच्चस्तरीय हॉलमार्किंग टीम ने आगरा का दौरा कर चांदी की ज्वेलरी निर्माण प्रक्रिया का बारीकी से अध्ययन किया और व्यापारियों से सीधा संवाद किया।
इसके बाद शहर के एक होटल में IBJA और आगरा की प्रमुख सराफा एसोसिएशनों—आग्रा सराफा एसोसिएशन, मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन और श्री सराफ एसोसिएशन—के संयुक्त तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में BIS अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार चांदी की ज्वेलरी पर स्वैच्छिक HUID को अनिवार्य हॉलमार्किंग में शामिल करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इससे बाजार में पारदर्शिता आएगी और ग्राहकों को शुद्धता की पूरी गारंटी मिलेगी।
IBJA के राष्ट्रीय डायरेक्टर मनोज पुंडीर ने बताया कि हॉलमार्किंग को लेकर आ रही व्यावहारिक दिक्कतों के समाधान के लिए ज्वेलर्स अपने सुझाव BIS की वेबसाइट या उनके मोबाइल नंबर पर भेज सकते हैं। बैठक में धीरज वर्मा, बृजमोहन रिपोरिया, नितेश अग्रवाल, निर्मल जैन, प्रभात अग्रवाल और मनोज अग्रवाल सहित भारी संख्या में चांदी ज्वेलरी मैन्युफैक्चरर्स मौजूद रहे।
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां