मुजफ्फरनगर में नई मंडी के गुप्ता कैफे को पुलिस ने दी “क्लीन चिट”, बीजेपी नेताओं के छापे पर उठे सवाल!
मुजफ्फरनगर। नई मंडी थाना क्षेत्र के गौशाला रोड स्थित गुप्ता कैफे को लेकर बुधवार को भाजपा व हिंदूवादी संगठनों द्वारा लगाए गए अनैतिक गतिविधियों के आरोपों को पुलिस जांच में निराधार करार दिया गया है। थाना नई मंडी पुलिस ने जांच के बाद स्पष्ट किया है कि कैफे परिसर से कोई भी आपत्तिजनक सामग्री या अश्लील गतिविधि से संबंधित साक्ष्य नहीं मिले हैं।
मामले में क्षेत्राधिकारी नई मंडी राजू कुमार साव ने बताया कि पुलिस को शाम करीब 4:30 से 5 बजे के बीच सूचना मिली थी कि गौशाला रोड स्थित गुप्ता कैफे में एक लड़का और लड़की किसी गलत उद्देश्य से मौजूद हैं। सूचना मिलते ही नई मंडी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची।
सीओ राजू कुमार साव के अनुसार, मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ मौजूद थी और वहां केवल एक युवक मिला। कैफे और आसपास की तलाशी के दौरान कोई भी आपत्तिजनक वस्तु या गतिविधि नहीं पाई गई। पूछताछ में युवक ने बताया कि वह अपनी महिला मित्र के साथ केवल कॉफी पीने के लिए कैफे पर आया था।
उन्होंने बताया कि
“जांच में सामने आया है कि कैफे पर कोई भी अनैतिक या आपत्तिजनक गतिविधि नहीं हो रही थी। युवक अपनी महिला मित्र के साथ कॉफी पीने आया था। स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोप असत्य पाए गए हैं। कैफे के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी पुलिस द्वारा ली गई है और उनकी जांच की जा रही है। फिलहाल कोई विपरीत तथ्य सामने नहीं आया है, जांच जारी है।”
नेताओं के गंभीर आरोप, ‘महीना’ देने तक का दावा
दूसरी ओर गुप्ता कैफे पर आरोप लगाने वाले हिंदूवादी नेता संजय मिश्रा ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कैफे में स्कूल ड्रेस में नाबालिग लड़के-लड़कियां मौजूद थे और कमरों में इस्तेमाल किए हुए कंडोम पड़े मिले।
संजय मिश्रा का कहना है कि वे पास में स्थित मेडिकल स्टोर से दवा लेने आए थे, तभी कैफे पर भीड़ देखी। लोगों से पूछताछ करने पर उन्हें कथित गलत गतिविधियों की जानकारी मिली।
उन्होंने बताया कि
“मैंने देखा कि यहां 17-18 साल के बच्चे, कुछ स्कूल ड्रेस में थे। लड़कियां भीड़ का फायदा उठाकर भाग गईं। जब हम नीचे गए तो कमरों में यूज कंडोम पड़े थे। यहां ₹500 में आधा घंटा और ₹1000 में एक घंटे के हिसाब से कमरे दिए जाते हैं। कैफे मालिक ने कहा कि वह महीना देता है, उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। ऐसे माहौल को बंद किया जाना चाहिए।”
पुलिस जांच जारी, सबूतों पर होगी कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और युवक पुलिस के लगातार संपर्क में है। अभी तक जांच में कैफे मालिक या कैफे के खिलाफ कोई आपत्तिजनक तथ्य सामने नहीं आए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या सामाजिक और राजनीतिक दबाव में बिना ठोस सबूत के किसी प्रतिष्ठान पर आरोप लगाए गए, या फिर जांच में कुछ और तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल पुलिस की क्लीन चिट ने भाजपा और हिंदूवादी नेताओं के आरोपों को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
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