बृजभूषण सिंह को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका: ट्रायल पर रोक से इनकार, वकील को लगाई कड़ी फटकार
नई दिल्ली। यूपी के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। पहलवानों के यौन शोषण मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि निचली अदालत में चल रहा ट्रायल जारी रहेगा और उस पर किसी तरह की रोक नहीं लगेगी। हाईकोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह के वकील को कड़ी फटकार भी लगाई, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं।
सुनवाई के दौरान बृजभूषण के वकील ने मुख्य वकील की अनुपस्थिति का हवाला देते हुए बहस टालने की मांग की। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि याचिका दाखिल होने के बावजूद अब तक इस पर बहस क्यों नहीं की गई। अदालत ने कहा कि यह याचिका लंबे समय से लंबित है, लेकिन इसे गंभीरता से आगे नहीं बढ़ाया गया।
कोर्ट को आश्वासन दिया गया कि अगली सुनवाई पर सीनियर वकील स्वयं उपस्थित होकर बहस करेंगे। इस पर हाईकोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि अगली तारीख पर बहस नहीं हुई तो याचिका खारिज की जा सकती है। अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर कोई रोक नहीं है।
बृजभूषण शरण सिंह पहले ही यह दावा कर चुके हैं कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे हैं। उन्होंने कहा था कि जांच एकतरफा रही और केवल शिकायतकर्ताओं के बयानों को आधार बनाया गया, जबकि सच्चाई की निष्पक्ष जांच नहीं की गई। उनका कहना है कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया।
गौरतलब है कि मई 2023 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। 21 मई 2024 को ट्रायल कोर्ट ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न, आपराधिक धमकी और महिलाओं की गरिमा भंग करने जैसे आरोप तय किए थे। इस मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर के खिलाफ भी आपराधिक धमकी का आरोप तय किया गया था।
यह मामला तब सुर्खियों में आया था जब 18 जनवरी 2023 को छह अंतरराष्ट्रीय स्तर की महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। कार्रवाई की मांग को लेकर महिला और पुरुष पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक धरना प्रदर्शन किया था।
हालांकि, नाबालिग पहलवान से जुड़े एक मामले में बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से राहत मिल चुकी है। 26 मई 2025 को कोर्ट ने उन्हें नाबालिग पहलवान से यौन शोषण के मामले में बरी कर दिया था, क्योंकि पीड़िता अपने बयान से पलट गई थी। इसके बाद उस केस को बंद कर दिया गया था।
अब हाईकोर्ट के ताजा रुख से साफ है कि बालिग पहलवानों से जुड़े मामले में बृजभूषण शरण सिंह की कानूनी चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है और निचली अदालत में ट्रायल जारी रहेगा।
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