'केशव मौर्य स्टैंड नहीं ले सके': स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यूपी के डिप्टी सीएम पर साधा निशाना
लखनऊ। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने केशव मौर्य की राजनीतिक स्थिति और उनके हालिया रुख पर तंज कसते हुए कहा कि वे अपना स्पष्ट 'स्टैंड' लेने में विफल रहे हैं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अक्सर अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। यूपी भाजपा में पिछले कुछ समय से 'संगठन सरकार से बड़ा है' वाले बयान को लेकर जो खींचतान चली, शंकराचार्य का इशारा शायद उसी ओर था कि केशव मौर्य उस समय अपनी बात मजबूती से नहीं रख पाए। शंकराचार्य का मानना है कि राजनेताओं को धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर बिना किसी राजनीतिक दबाव के स्पष्ट रुख रखना चाहिए, जिसमें उनके अनुसार केशव मौर्य पीछे रह गए।यूपी की सत्ता संरचना में केशव मौर्य की भूमिका को लेकर जो कयास लगते रहते हैं, स्वामी जी ने उसी 'असमंजस' की स्थिति पर कटाक्ष किया है।
शंकराचार्य का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। एक धार्मिक गुरु द्वारा किसी शीर्ष नेता पर इस तरह की टिप्पणी से विपक्ष को घेराबंदी का मौका मिल सकता है, वहीं भाजपा के भीतर भी इस पर चर्चा तेज हो गई है।
शंकराचार्य ने क्यों कहा ऐसा?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अक्सर अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। केशव मौर्य को लेकर उनके बयान के पीछे कई निहितार्थ हो सकते हैं। यूपी भाजपा में पिछले कुछ समय से 'संगठन सरकार से बड़ा है' वाले बयान को लेकर जो खींचतान चली, शंकराचार्य का इशारा शायद उसी ओर था कि केशव मौर्य उस समय अपनी बात मजबूती से नहीं रख पाए। शंकराचार्य का मानना है कि राजनेताओं को धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर बिना किसी राजनीतिक दबाव के स्पष्ट रुख रखना चाहिए, जिसमें उनके अनुसार केशव मौर्य पीछे रह गए। यूपी की सत्ता संरचना में केशव मौर्य की भूमिका को लेकर जो कयास लगते रहते हैं, स्वामी जी ने उसी 'असमंजस' की स्थिति पर कटाक्ष किया है।
शंकराचार्य का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। एक धार्मिक गुरु द्वारा किसी शीर्ष नेता पर इस तरह की टिप्पणी से विपक्ष को घेराबंदी का मौका मिल सकता है, वहीं भाजपा के भीतर भी इस पर चर्चा तेज हो गई है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि "राजनीति में जब तक आप अपना स्टैंड स्पष्ट नहीं करते, तब तक आपकी स्वीकार्यता पर प्रश्नचिह्न लगा रहता है। केशव मौर्य इसी मोर्चे पर विफल रहे।"
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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