हिमाचल में बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त, चंबा में ग्लेशियर का कहर, दो जिलों में स्कूल बंद
शिमला। हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी ने एक बार फिर जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जहां एक ओर पहाड़ी इलाकों में भारी हिमपात से सड़कें बंद हो गई हैं तो दूसरी ओर चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र में ग्लेशियर खिसकने से नुकसान की घटना सामने आई है। चंबा के भरमौर उपमंडल की दूरदराज पूलन पंचायत के ओट नाला में देर रात करीब एक बजे ग्लेशियर खिसकने से दो मालवाहक वाहन और तीन व्यावसायिक दुकानें इसकी चपेट में आ गईं। इससे क्षेत्र में दहशत फैल गई। ग्राम पंचायत पूलन की प्रधान अनीता कपूर ने घटना की पुष्टि करते हुए सरकार और प्रशासन से प्रभावित परिवारों को जल्द राहत देने की मांग की है। हालांकि किसी तरह के जानी नुकसान की सूचना नहीं है।
खराब मौसम का असर पूरे प्रदेश में देखने को मिल रहा है और बर्फबारी के चलते प्रदेश में 500 से अधिक सड़कें वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हो गई हैं। इससे कई इलाकों का संपर्क कट गया है। कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों में हालात को देखते हुए एहतियातन सभी शिक्षण संस्थानों को आज बंद रखने के आदेश जारी किए गए। कुल्लू जिला प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आज जिले के सभी उपमंडलों में सरकारी और निजी स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, कॉलेजों और आईटीआई को बंद रखने का निर्णय लिया। वहीं लाहौल-स्पीति में लगातार हो रही भारी बर्फबारी से जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है। जिले की करीब 280 संपर्क सड़कें बंद हो चुकी हैं और दारचा से अटल टनल रोहतांग, तांदी से थिरोट-तिंदी और उघर-लोसर से काजा सड़क मार्ग भी बंद होने से स्पीति घाटी का संपर्क टूट गया है; लोक निर्माण विभाग केलांग क्षेत्र में मशीनों के जरिए सड़कों से बर्फ हटाने में जुटा है लेकिन लगातार खराब मौसम राहत कार्यों में बाधा बना हुआ है।
इस बीच लाहौल स्पीति प्रशासन ने हिमस्खलन की आशंका को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। दूसरी ओर मनाली और शिमला में आज दिन के समय मौसम साफ रहा और धूप खिलने से लोगों ने कुछ राहत की सांस ली। हालांकि देर रात मनाली और शिमला के कुफरी घाटी में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई, शिमला के कुफरी और नारकंडा में भारी बर्फबारी के कारण अप्पर शिमला को जोड़ने वाली सड़कें बंद हैं, जिन्हें खोलने के लिए प्रशासन प्रयास कर रहा है। मौसम विभाग के अनुसार शिमला जिले के खदराला में सर्वाधिक 41 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि लाहौल-स्पीति के गोंदला में 36 सेंटीमीटर, संधोल में 31, कुकुमसेरी और मनाली में 28-28, कल्पा और शिलारू में 17-17, केलंग में 15 और शिमला में 4 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई है, वहीं निचले और मध्यवर्ती इलाकों में तेज बारिश के साथ गरज भी देखी गई, भुंतर में 55 मिलीमीटर, सियोबाग में 47, बिलासपुर, गोहर, नैना देवी और कसौली में 45-45, सुंदरनगर, सलापड़, चुआड़ी और पंडोह में 42-42, जोगिंदरनगर में 40 और सोलन में 39 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग ने आज भी उच्च और मध्य पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में मौसम साफ रहने का अनुमान है, 29 जनवरी को पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा लेकिन 30 जनवरी से एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के आसार हैं, जिसके प्रभाव से 3 फरवरी तक प्रदेश में मौसम फिर बिगड़ सकता है। इस बीच लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश भर में शीतलहर का प्रकोप तेज हो गया है और औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे चल रहा है, मनाली, केलंग, कुकुमसेरी, ताबो, नारकंडा, कुफरी, कल्पा और रिकांगपिओ सहित आठ स्थानों पर न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया है, जबकि शिमला का न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा, अन्य प्रमुख शहरों में न्यूनतम तापमान ऊना 5.0 डिग्री, धर्मशाला 4.8, कांगड़ा 4.5, मंडी 6.2, हमीरपुर 5.9, बिलासपुर 7.5, नाहन 6.9, पालमपुर 0.5, सुंदरनगर 5.1, सोलन 4.4, भुंतर 2.6, मनाली माइनस 0.9, केलंग माइनस में, कुफरी माइनस 1.4, कुकुमसेरी माइनस 6.1, ताबो माइनस 5.2 और रिकांगपिओ माइनस 0.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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