शंकराचार्य के अपमान के खिलाफ दिव्यांग पार्टी का आक्रोश
कानपुर। हिन्दू धर्म के सर्वोच्च पद पर विराजमान शंकराचार्य को राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है। सरकार की हठधर्मी नीतियां हिन्दू समाज को बांटने का काम कर रही हैं। यदि सरकार ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की बात नहीं मानी तो उत्तर प्रदेश के दिव्यांगजन उनके समर्थन में प्रयागराज कूच करेंगे। धर्म का राजनीतिकरण करना गलत है और पूरा देश शंकराचार्य जी के साथ खड़ा है। यह बातें रविवार को राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार ने कहीं।
काकादेव शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल पार्क में राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के प्रयागराज में कथित अपमान की कड़े शब्दों में निंदा की गई तथा शासन-प्रशासन से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की गई।
वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि हिन्दू धर्म में शंकराचार्य को सर्वोच्च धार्मिक पद प्राप्त है। ऐसे सम्मानित संत को गंगा स्नान से रोकना निंदनीय और आस्था का अपमान है। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शासन ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो प्रदेशभर के दिव्यांगजन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। बैठक में जिला अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार, अल्पना कुमारी, अरविन्द सिंह, गोमती वर्मा, वैभव दीक्षित सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।
