उत्तर प्रदेश में सपा व कांग्रेस ने केंद्र के बजट को बताया निराशाजनक, बसपा ने घाेषणाओं के अमल होने पर उठाए सवाल
लखनऊ। केंद्र सरकार के आम बजट काे लेकर विपक्ष ने हर बार की तरह नकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। इस बजट काे समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने तीखी आलोचना करते हुए इसे दिशाहीन बताया। वहीं बहुजन समाज पार्टी ने बजट काे सरकार का आइना बताते हुए बजट की घाेषणाओं के अमल होने पर सवाल उठाए। केंद्र सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार काे संसद में आम बजट प्रस्तुत कर अपनी सरकार के विकसित भारत बनाने का संदेश दिया है। इस बजट में मोदी सरकार की आगामी कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार से उल्लेख करते हुए सत्ता पक्ष ने सबका साथ सबके विकास का मंत्र बताया है, लेकिन विपक्ष ने इस बजट को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। विपक्षी नेताओं ने आम लोगों के लिए यह बजट हताश और निराशाजनक वाला बताया।
गरीबों, किसानों और युवाओं की समझ से बाहर है बजट: सपा
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार काे कहा मोदी सरकार के इस बजट में गरीबों, किसानों और युवाओं के लिए कोई महत्वपूर्ण घोषणा नहीं की गई है। अगर यही हाल रहा तो लोगों को लोहे पर पीतल चढ़ाकर जेवर बनाने पड़ेंगे। सपा प्रमुख ने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था के हालत ऐसे हैं कि पोस्टमार्टम होना किसी का है और पोस्टमार्टम के लिए किसे और को ले जाया जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देने की जरूर है। सपा प्रमुख ने आगे कहा कि यह सिर्फ सपने दिखाने वाला बजट है। भाजपा से जब उम्मीद नहीं, तो बजट से क्या उम्मीद करेंगे।
बजट पर तंज कसते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी को प्रधानमंत्री मिल गए हैं, मुख्यमंत्री हैं ही, तो यूपी को बजट की क्या जरूरत है। जो बुनियादी ढांचा है, उसे भी खत्म कर देंगे। इस बजट में महंगाई को रोकने के लिए और सभी के लिए बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
बजट में किसानों व युवाओं को जगह नहीं: कांग्रेस
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि इस बजट को गरीब और आम लोगों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले 11 महीने से मनरेगा की मजदूरी नहीं मिली है और गन्ना किसानों को भुगतान नहीं मिला है। इतना ही नहीं किसानों को ब्लैक में खाद खरीदनी पड रही है। धान खरीदी बंद होने से किसान परेशान हो रहे हैं। आज बजट के समय तो शेयर बाजार में हाहाकार मच गया जो यह दिखाता है कि देश की अर्थव्यवस्था बहुत कमजोर हो गई है। कांग्रेस नेता ने कहा कि इस बजट में किसानों, युवाओं को कहीं जगह नहीं दी गई है।
बजट की घोषणाओं पर सही अमल हो : बसपा
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख और उप्र की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने केंद्र सरकार के आम बजट पर बहुत ही सधी हुई प्रतिक्रिया दी हे। उन्होंने कहा कि आज केन्द्र सरकार के बजट में विभिन्न योजनाओं, परियोजनाओं, वादों और आश्वासनों के सम्बन्ध में भविष्य में इनके परिणामों को लेकर यही लगता है कि इनके नाम तो बड़े-बड़े हैं, किन्तु जमीनी स्तर पर इनके दर्शन छोटे ना हो तो बेहतर होगा। इसीलिए सर्वसमाज के हित में केवल बातें ना हो बल्कि इनपर सही नीयत से अमल भी जरूरी हाेना चाहिए। सोशल मीडिया के माध्यम से बसपा प्रमुख ने आगे कहा कि वैसे तो केन्द्र सरकार का बजट सत्ताधारी पार्टी की नीति व नीयत में चाल, चरित्र व चेहरे का आइना होता है, जिसमें यह झलक मिलती है कि सरकार की सोच वास्तव में गरीब व बहुजन-हितैषी होकर व्यापक देशहित की है या फिर पूँजीवादी सोच की पोषक बड़े-बड़े पूँजीपति व धन्नासेठ समर्थक है। परम पूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के कल्याणकारी संविधान के पवित्र मंशा के हिसाब से क्या कार्य किया गया है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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