सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी का ओडीओपी मॉडल बना राष्ट्रीय विकास की दिशा तय करने वाला रोडमैप
लखनऊ। उत्तर प्रदेश का ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ (ओडीओपी) मॉडल आज देश के विकास विमर्श का केंद्र बन चुका है। वर्ष 2018 की यह पहल अब सिर्फ केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि जिला आधारित आर्थिक बदलाव का सशक्त उदाहरण बन गई है।
ओडीओपी योजना की मूल अवधारणा हर जिले की एक विशिष्ट पहचान तय करने की रही है। उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में स्थानीय पारंपरिक कला उद्योग या उत्पाद को चिह्नित कर उसे सरकारी संरक्षण में बाजार तक पहुंच और ब्रांडिंग का सहारा दिया गया। मुरादाबाद के पीतल, बनारस की बुनकरी, फिरोजाबाद के कांच, कन्नौज के इत्र और भदोही के कालीन जैसे उत्पादों को इसी सोच के माध्यम से नई पहचान हासिल हुई है। योगी सरकार के इस मॉडल ने असंतुलित क्षेत्रीय विकास की बड़ी समस्या का समाधान किया, जिसे वर्षों से नजरअंदाज किया जा रहा था। पहले औद्योगिक विकास कुछ चुनिंदा शहरों तक सीमित रहता था, लेकिन ओडीओपी के बाद छोटे जिले व कस्बे भी आर्थिक गतिविधियों के केंद्र बनने लगे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े और पलायन पर भी प्रभावी नियंत्रण लगा। प्रदेश सरकार के आंकड़ों के अनुसार ओडीओपी के चलते कारीगरों व छोटे उद्यमियों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ओडीओपी स्किल डेवलपमेंट व टूलकिट वितरण योजना के तहत बड़ी संख्या में कारीगरों को प्रशिक्षण दिया गया है। आधुनिक टूलकिट प्रशिक्षण और आसान वित्तीय सहायता ने पारंपरिक काम को आधुनिक बाजार से जोड़ा।
प्रदेश में अब तक 1.25 लाख से अधिक टूलकिट्स का वितरण किया जा चुका है। इससे स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आया और उनकी पहुंच केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रही, वे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच बना रहे हैं। ओडीओपी मार्जिन मनी योजना के माध्यम से अब तक 6,000 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिससे सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। ग्रामीण व अर्धशहरी क्षेत्रों में उद्यमिता को नई गति मिली है। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2025 में ओडीओपी को विशेष मंच दिया गया। इस आयोजन में ओडीओपी पवेलियन में 466 स्टॉल लगाए गए, जिनसे करीब 20.77 करोड़ रुपए की बिजनेस लीड/डील सामने आईं। इसी तरह प्रयागराज महाकुंभ 2025 के दौरान 6,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में ओडीओपी प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें जीआई टैग वाले प्रदेश के 44 ओडीओपी उत्पाद प्रदर्शित किए गए।
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