"दंगाइयों के लिए यूपी में कोई जगह नहीं"— सीएम योगी का बड़ा हमला; कहा- दंगाइयों और उनके संरक्षकों के सामने अब आजीविका का संकट
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेश को दंगा मुक्त बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दंगाइयों और उनके हितैषियों पर आजीविका का संकट है, जबकि नौजवानों को रोजगार मिल रहे हैं। सीएम योगी ने अयोध्या में नकहा रेलवे ओवरब्रिज और खजांची फ्लाईओवर का उद्घाटन किया। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा, "यह नए भारत का नया उत्तर प्रदेश और इस नए प्रदेश का नया गोरखपुर है। नए प्रदेश के लिए बीमारू से ब्रेक थ्रू और ब्रेक थ्रू से पहचान की एक रीकोडिंग प्रक्रिया के साथ अब उत्तर प्रदेश आगे बढ़ चला है। ऐसे में स्वाभाविक है कि परिवारवादी और जातिवादी मानसिकता के लोग इसे कैसे बर्दाश्त कर सकते हैं।"
उन्होंने कहा, "जो दंगाइयों के हमपरस्त थे और दंगाइयों के सामने नाक रगड़ते थे। आज जब दंगाई अपने बिल के अंदर घुस चुका है, और जो घुसना नहीं चाहता था, जब प्रदेश को दंगामुक्त करने का कार्य किया गया तो दंगाइयों के सभी हमदर्द परेशान हो चुके हैं। वे इसलिए परेशान हैं, क्योंकि उनकी आजीविका पर बुरा असर पड़ा है। हमने आजीविका के अवसर नौजवानों को देने का काम किया।"
सीएम योगी ने कहा, "हमने नौजवानों को सरकारी नौकरी भी दी है और बेहतरीन वातावरण बनाकर प्रदेश में निवेश की एक नई बहार भी लाई है। प्रदेश में निवेश तब आता है, जब सुरक्षा और अच्छा इन्फ्रास्टचर का माहौल होता है। जब स्केल को स्किल में बदलकर नौजवानों को उन्हीं के गांव, जनपद और प्रदेश में नौकरी की सुविधा प्राप्त होती है, तो निवेश आता है। हम कह सकते हैं कि उत्तर प्रदेश में आया हुआ 45 लाख करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव प्रदेश के अंदर डेढ़ करोड़ से अधिक नौजवानों के लिए नौकरी की गारंटी का दस्तावेज है। प्रदेश के नौजवानों को इसके माध्यम से नौकरी मिल रही है।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "हम सभी को 2017 के बाद से डबल इंजन की यात्रा को याद रखना होगा। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में भय, आतंक, उपद्रव, अराजकता, बीमारी और दंगे थे। न बेटी सुरक्षित थी और न ही व्यापारी सुरक्षित था। वे कौन लोग हैं, जो जाति की राजनीति करते हैं। जाति के नाम पर अपने परिवार की बात करते हैं। नौजवानों के भरोसे के साथ खिलवाड़ करते थे। इन लोगों ने प्रदेशवासियों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया था। इनके कारण प्रदेश अपनी पहचान का मोहताज था।"उन्होंने कहा, "आज पीएम मोदी के नेतृत्व में समस्या नहीं बल्कि समाधान की बात होती है। अब माफिया और मच्छर नहीं, बल्कि गोरखपुर की विश्वस्तरीय सड़कें, एम्स, फर्टलाइजर, मेडिकल कॉलेज, आयुष विश्वविद्यालय, पूर्वाचंल एक्सप्रेस-वे का लिंक एक्सप्रेस गोरखपुर की पहचान है।"
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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