रामपुर: जिला पंचायत कर्मी ने वरिष्ठ अधिवक्ता फारूक खान को गोली मार दी - अस्पताल पहुंचते ही मौत, पत्नी भी घायल
रामपुर। उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। जिला न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता फारूक खान को जिला पंचायत में तैनात एक बाबू ने गोली मार दी। गोली लगने के बाद फारूक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन पहुंचते ही उनकी मौत हो गई। इस घटना में फारूक की पत्नी, जो जिला पंचायत में ही सेवा करती हैं, को भी गोली लगी है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना के सटीक विवरण के अनुसार, जिला पंचायत कार्यालय में तैनात एक कर्मचारी ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। वरिष्ठ अधिवक्ता फारूक खान उस समय वहां मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पंचायत कार्यालय में अचानक गोली चलने की आवाज से अफरा-तफरी मच गई। फारूक खान को सीने में गोली लगी, जबकि उनकी पत्नी को हाथ में चोट आई। दोनों को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने फारूक को मृत घोषित कर दिया। उनकी पत्नी का इलाज चल रहा है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिला पंचायत कर्मचारी और फारूक खान के परिवार के बीच पहले से विवाद चल रहा था। फारूक की पत्नी का पंचायत कार्यालय में होना इस घटना का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कार्यालय में पुराने विवाद ने तूल पकड़ लिया था। गोली चलाने वाले बाबू ने कथित तौर पर पुरानी रंजिश के चलते यह कदम उठाया। पुलिस ने हत्यारे को मौके से गिरफ्तार कर लिया है और उसके कब्जे से हथियार बरामद कर लिया गया है।
रामपुर जिला न्यायालय में फारूक खान एक जाने-माने वरिष्ठ अधिवक्ता थे। वकालत के साथ-साथ वे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहते थे। उनकी अचानक मौत से कानूनी हलकों में शोक की लहर दौड़ गई। जिला बार एसोसिएशन ने बैठक बुलाई है। फारूक के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा अन्य आश्रित सदस्य हैं। पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों ने बताया कि उन्हें सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।
पुलिस ने हत्या संबंधी धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एसएसपी रामपुर ने बताया कि आरोपी से कड़ी पूछताछ की जा रही है। घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी। जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जिला पंचायत कार्यालय को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। वकील संगठनों ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।
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यह घटना सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। जिला पंचायत जैसे महत्वपूर्ण कार्यालयों में हथियारों का होना और कर्मचारियों के बीच हिंसक विवाद प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। रामपुर में इस घटना ने सामाजिक तनाव बढ़ा दिया है। पुलिस ने शांति बनाए रखने की अपील की है। फारूक खान के पार्थिव शरीर को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा। घटना की गहन जांच जारी है।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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