मुरादाबाद: डीएम अनुज सिंह ने सपा विधायक व परिवार के OBC सर्टिफिकेट रद्द किए, झोजा जाति का दावा गलत साबित, 2015 पंचायत चुनाव से चल रहा विवाद
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के जिलाधिकारी अनुज सिंह की अध्यक्षता में गठित समिति ने बिलारी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक मोहम्मद फहीम इरफान और उनके परिवार के अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) प्रमाण पत्रों को रद्द कर दिया है। विधायक और उनके परिजनों के झोजा जाति से संबंधित OBC सर्टिफिकेट के खिलाफ प्राप्त शिकायतों पर विस्तृत सुनवाई और जांच के बाद यह फैसला सुनाया गया। समिति ने पाया कि फहीम का झोजा जाति में वर्गीकरण सिद्ध नहीं होता, जिससे आरक्षण लाभ लेना अनुचित था।
समिति के आदेश में स्पष्ट कहा गया, “मोहम्मद फहीम इरफान पुत्र स्व. मोहम्मद इरफान निवासी ग्राम इब्राहीमपुर तहसील बिलारी का अन्य पिछड़ा वर्ग में झोजा जाति में वर्गीकृत होना स्पष्ट रूप से सिद्ध नहीं हुआ। इसलिए इन्हें OBC के अंतर्गत झोजा जाति का लाभ प्रदान करना उचित नहीं है।” जांच में खुलासा हुआ कि विधायक के दादा मोहम्मद इस्लाम लेखपाल थे और वे स्वयं को सामान्य श्रेणी में दर्ज करते थे। पूर्व रिकॉर्ड्स में भी इब्राहीमपुर क्षेत्र में झोजा जाति के बजाय तुर्क समुदाय का निवास सामान्य श्रेणी में दर्ज है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब मोहम्मद फहीम ने पहली बार 2015 में जिला पंचायत चुनाव के दौरान OBC सर्टिफिकेट का उपयोग किया। वार्ड नंबर 37, जो OBC के लिए आरक्षित था, से सपा टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए फहीम ने झोजा जाति का दावा करते हुए प्रमाण पत्र बनवाया। भाजपा प्रत्याशी लवली यादव से 3000 वोटों से जीत हासिल की। लवली ने तत्काल आपत्ति जताते हुए फहीम के OBC सर्टिफिकेट को फर्जी बताया। तब से यह विवाद कोर्ट-कचहरी तक चलता रहा। डीएम समिति ने सभी पुराने दस्तावेजों की छानबीन कर सत्यापन किया।
मोहम्मद फहीम वही विधायक हैं, जिन्होंने जल जीवन मिशन पर सवाल उठाने के बाद विधानसभा में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से तीखी बहस की थी। मंत्री ने सदन में उनसे “बीवी की कसम खाने” को कहा था, जो चर्चा का विषय बना था। अब OBC सर्टिफिकेट रद्द होने से विधायक की राजनीतिक स्थिति कमजोर हुई है। सपा नेताओं ने फैसले पर असंतोष जताया है, जबकि भाजपा ने इसे आरक्षण व्यवस्था की शुद्धता का उदाहरण बताया।
जिलाधिकारी अनुज सिंह ने कहा कि आरक्षण प्रमाण पत्रों के सत्यापन में किसी प्रकार की ढील नहीं बरती जाएगी। फर्जी प्रमाण पत्रों का नेटवर्क उजागर करने के लिए व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है। समिति में शामिल अधिकारियों ने बताया कि फहीम के पूरे परिवार के प्रमाण पत्र रद्द किए गए हैं। विधायक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया गया। अब कानूनी प्रक्रिया के तहत अपील का अधिकार है।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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