प्रयागराज में धरने पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तबीयत बिगड़ी, वसंत पंचमी पर भी नहीं किया स्नान
प्रयागराज। जिले में प्रशासन और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच जारी गतिरोध अब गंभीर स्वास्थ्य संकट में बदल गया है। पिछले पांच दिनों से अन्न-जल त्याग कर धरने पर बैठे स्वामी की तबीयत शुक्रवार को वसंत पंचमी के पावन पर्व पर अचानक खराब हो गई।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्पष्ट किया है कि जब तक प्रशासन मौनी अमावस्या के दिन हुए दुर्व्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगता, वे संगम स्नान में शामिल नहीं होंगे। उनका कहना है कि अधूरा संकल्प पूरा किए बिना वसंत पंचमी का स्नान करने का कोई औचित्य नहीं है।
इस बीच, मेला प्रशासन ने उन्हें लगातार नोटिस भेजकर उनके शंकराचार्य पद की प्रमाणिकता मांगना शुरू कर दिया है और सुविधाओं को निरस्त करने की चेतावनी दी है।
स्वामी जी की बिगड़ती सेहत की खबर फैलते ही शिविर के बाहर समर्थकों की भीड़ जमा हो गई। कई साधु-संतों ने प्रशासन के रवैये की आलोचना की है। राजनीतिक गलियारों में भी यह मामला गरमाया है, जहां समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने सरकार से हस्तक्षेप कर संतों का सम्मान बहाल करने की अपील की है।
इस विवाद ने न सिर्फ माघ मेला प्रशासन और संत समाज के बीच तनाव बढ़ाया है, बल्कि स्वास्थ्य संकट और धार्मिक भावनाओं के मद्देनजर स्थिति और गंभीर होती जा रही है।
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