राय के साग की खेती से धमाकेदार कमाई शून्य लागत में बंपर उत्पादन , से बदल रही किसानों की तकदीर
आज हम आपको एक ऐसी खेती की कहानी बता रहे हैं जिसने यह साबित कर दिया है कि अगर सोच नई हो और मेहनत सच्ची हो तो खेती सच में सोना उगा सकती है. बिहार के एक युवा सरकारी शिक्षक ने पारंपरिक खेती से हटकर राय के साग की खेती में ऐसा प्रयोग किया कि आसपास के किसान भी हैरान रह गए. बेहद कम खर्च और बिना रासायनिक खाद के उन्होंने ऐसी पैदावार ली कि यह फसल चर्चा का विषय बन गई है.
शून्य लागत में बंपर उत्पादन की अनोखी शुरुआत
ये भी पढ़ें टमाटर की टॉप हाइब्रिड किस्में जो बना सकती हैं लखपति, फरवरी में रोपाई और 100 टन तक पैदावार का मौकाराय के साग के पत्ते काफी बड़े और मांसल होते हैं. खास बात यह है कि मात्र पांच पत्तों में एक पूरे परिवार का भोजन तैयार हो सकता है. देखने में यह पत्ता गोभी जैसा लगता है और लंबे समय तक हरा भरा बना रहता है. स्वाद में भी यह बेहद लाजवाब और पौष्टिक माना जाता है.
ये भी पढ़ें Profitable Kaddu Farming Technique: 45 दिन में तैयार होने वाली फसल से कम लागत में 80 हजार तक की कमाईयदि थोड़ी सी जैविक खाद जैसे गोबर की खाद डाल दी जाए तो इसकी उपज और भी बेहतर हो जाती है. बलुई मिट्टी हो या चिकनी या पीली मिट्टी हर प्रकार की जमीन में यह फसल अच्छा प्रदर्शन कर रही है. यही कारण है कि इसे छोटे और सीमांत किसानों के लिए वरदान माना जा रहा है.
दो से तीन गुना आय बढ़ाने का सुनहरा अवसर
नई फसलों पर लगातार प्रयोग करने की सोच ही सफलता की असली कुंजी है. यह प्रयोग बताता है कि यदि किसान पारंपरिक खेती के साथ साथ नकदी फसलों को भी अपनाएं तो उनकी आय में बड़ा बदलाव आ सकता है. बाजार में राय के साग की मांग अच्छी रहती है क्योंकि लोग अब स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं.
कम मेहनत में तैयार होने वाली यह फसल किसानों को आर्थिक मजबूती दे सकती है. अगर बड़े स्तर पर इसकी खेती की जाए तो दो से तीन गुना तक आय बढ़ाना संभव है. यह कहानी केवल एक व्यक्ति की सफलता नहीं बल्कि यह संदेश है कि शिक्षा और आधुनिक सोच के साथ खेती की तस्वीर बदली जा सकती है.
आज जरूरत है कि किसान नई तकनीक और जैविक तरीकों को अपनाएं. कम लागत और ज्यादा मुनाफा देने वाली फसलें ही आने वाले समय में खेती का भविष्य तय करेंगी. राय का साग ऐसी ही एक फसल बनकर उभर रहा है जो कम संसाधन में भी शानदार परिणाम दे रही है.
डिस्क्लेमर यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है. खेती शुरू करने से पहले स्थानीय कृषि विशेषज्ञ या कृषि विभाग से सलाह अवश्य लें.
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लेखक के बारे में
युवा और ऊर्जावान पत्रकार चयन प्रजापत 'रॉयल बुलेटिन' के लिए मध्य प्रदेश के इंदौर से रिपोर्टिंग कर रहे हैं। आपकी मुख्य विशेषज्ञता खेल (Sports), कृषि (Farming) और ऑटोमोबाइल (Automobile) सेक्टर में है। चयन प्रजापत इन विषयों की तकनीकी समझ के साथ-साथ ज़मीनी हकीकत को अपनी खबरों में पिरोने के लिए जाने जाते हैं। इंदौर और मालवा क्षेत्र की खबरों के साथ-साथ ऑटोमोबाइल और खेल जगत की विशेष कवरेज के लिए आप रॉयल बुलेटिन के एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।

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