नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को नई दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक में नए मल्टी एजेंसी सेंटर (एमएसी) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर अमित शाह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति, खुफिया एजेंसियों की सटीक सूचनाओं और हमारी तीनों सेनाओं की अचूक मारक क्षमता का अनूठा प्रतीक है। भारत को अपनी तीनों सेनाओं, सीमा सुरक्षा बल और सभी सुरक्षा एजेंसियों पर गर्व है।
भारत-पाक के बीच सीजफायर 18 मई तक बढ़ा, पाकिस्तान सीमा पर तनाव कम करने के उपाय रहेंगे जारी
केंद्रीय गृहमंत्री ने हाल ही में छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर कर्रेगट्टालु हिल्स (केजीएच) में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों द्वारा चलाए गए ऐतिहासिक नक्सल विरोधी अभियानों के बारे में कहा कि नक्सलियों के खिलाफ ये ऐतिहासिक अभियान हमारे सुरक्षा बलों के बीच बेहतरीन समन्वय को प्रदर्शित करते हैं। इसी तरह का समन्वय ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी देखने को मिला, जिससे पता चलता है कि हमारी खुफिया एजेंसियों तथा तीनों सशस्त्र बलों द्वारा कार्य को अंजाम देने की प्रक्रिया और सोच में काफी बेहतर समन्वय है।
अमित शाह ने कहा कि नया एमएसी आज के परिवेश में सामने आ रही जटिल और परस्पर जुड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में सभी एजेंसियों के प्रयासों में तालमेल बिठाने के लिए एक सहज और एकीकृत मंच प्रदान करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह नया नेटवर्क आतंकवाद, उग्रवाद, संगठित अपराध और साइबर हमलों जैसे गंभीर खतरों से निपटने के लिए देश के प्रयासों को मजबूत करेगा।
उन्होंने नए एमएसी नेटवर्क की सराहना की और रिकॉर्ड समय में हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर से संबंधित कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने पर संतोष व्यक्त किया। इसमें एम्बेडेड एआई/एमएल तकनीक जैसी भविष्य की क्षमताओं को शामिल किया गया है ताकि एमएसी और जीआईएस सेवाओं के साथ विशाल डेटाबेस की क्षमता का दोहन किया जा सके। उन्होंने नए एमएसी के साथ उपलब्ध उन्नत डेटा एनालिटिक्स का लाभ उठाने के लिए विभिन्न साइलो में विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों के पास मौजूद अन्य महत्वपूर्ण डेटाबेस को इस प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करने की आवश्यकता पर बल देते हुए भविष्य की रूपरेखा भी रखी।
शाह ने कहा कि इस नए नेटवर्क से एमएसी नेटवर्क पर उत्पन्न डेटा एनालिटिक्स की गुणवत्ता को उच्च स्तर तक बढ़ाने की उम्मीद है, जिससे सटीक प्रवृत्ति विश्लेषण, हॉटस्पॉट मैपिंग और समयरेखा विश्लेषण से पूर्वानुमान और परिचालन परिणाम मिल सकेंगे। नया एमएसी संगठित अपराध के साथ जटिल संबंधों वाले आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र का मुकाबला करने में एक लंबा रास्ता तय करेगा।
उल्लेखनीय है कि भारत के सबसे प्रमुख खुफिया संलयन केंद्र के रूप में मल्टी एजेंसी सेंटर 2001 से अस्तित्व में है और केंद्रीय गृहमंत्री लगातार एमएसी के तकनीकी उन्नयन का सक्रिय रूप से मार्गदर्शन कर रहे हैं। इंटेलिजेंस ब्यूरो के साथ स्थित नए एमएसी ने सभी खुफिया, सुरक्षा, कानून प्रवर्तन और जांच एजेंसियों को जोड़ा है। 500 करोड़ से अधिक की लागत से क्रियान्वित नए एमएसी नेटवर्क में गुणात्मक और मात्रात्मक दोनों तरह के परिवर्तन हुए हैं। देशभर में फैले नए एमएसी नेटवर्क ने देश के द्वीप क्षेत्रों, उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों को एक साथ जोड़ दिया है, जिससे दूरदराज के इलाकों में जिला एसपी के स्तर तक अंतिम मील कनेक्टिविटी सुनिश्चित हुई है और एक तेज और स्वतंत्र सुरक्षित नेटवर्क है।