सीकर। राजस्थान के प्रसिद्ध खाटूश्याम जी मंदिर में हर साल आयोजित होने वाला फाल्गुनी लक्खी मेला 2025 शुक्रवार से शुरू हो गया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं। आज शाम 5 बजे से बाबा श्याम के दरबार के पट भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे। यह मेला 11 दिन तक चलेगा और इस दौरान बाबा श्याम के जयकारों से खाटू नगरी गूंज उठेगी।
मुज़फ्फरनगर में किरयाना व्यापारी गया था साली की शादी में, चोरों ने कर दिया घर पर हाथ साफ़
मेले के दौरान एकादशी तक लगातार 271 घंटे तक बाबा श्याम भक्तों की अर्जी सुनेंगे और दर्शन देंगे। बाबा श्याम के प्रति लोगों की अपार श्रद्धा को देखते हुए इस बार मेले की सुरक्षा और व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। खाटूश्याम जी मेले में इस बार सुरक्षा, स्वास्थ्य, छांव और सफाई व्यवस्था को खास महत्व दिया गया है।
मुज़फ्फरनगर में सीआईएसएफ के जवान को गोली मारी, कुरावा व भौराकलां के बीच हुई फायरिंग
सुरक्षा व्यवस्था: मेले में 5000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जो सुरक्षा व्यवस्था को संभालेंगे। छांव की सुविधा: श्रद्धालुओं के लिए 1500 छातों की व्यवस्था की गई है, ताकि गर्मी में दर्शनार्थियों को परेशानी न हो। सीसीटीवी निगरानी: मेले की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 400 कैमरों से निगरानी की जाएगी। मेडिकल सेवाएं: 12 स्थानों पर मेडिकल शिविर लगाए गए हैं, जहां 325 चिकित्साकर्मी तैनात रहेंगे। इसके अलावा, 22 एम्बुलेंस और 12 बाइक एम्बुलेंस भी तैनात रहेंगी। विशेष सुरक्षा कैमरे: भीड़ पर नजर रखने के लिए 14 हेड कैमरे लगाए गए हैं।
मंदिर को सजाने के लिए 120 बंगाली कारीगर खास तौर पर खाटूश्याम जी पहुंचे हैं। ये कारीगर अपने शिल्प कौशल से मंदिर को दिव्य और भव्य रूप देने में लगे हुए हैं। बाबा श्याम का दरबार इस बार अद्भुत सजावट के साथ भक्तों को दर्शन देगा।
इस बार मंदिर परिसर को सजाने के लिए 8 देशों से फूल मंगवाए गए हैं। जिनमें शामिल हैं:
- हॉलैंड
- साउथ अफ्रीका
- कोलंबिया
- न्यूजीलैंड
- चीन
- इटली
- बैंकॉक
इन देशों से हाइडेजिया, पिनोनोप्सी, इंपोशिया सहित 20 प्रकार के फूल मंगवाए गए हैं। वहीं, भारत के विभिन्न हिस्सों से भी गुलाब, कार्निशियन, लिली, एंथोरियम, एल्कोनिया, किशतिवाम सहित 65 प्रकार के फूल मंगवाए गए हैं। मंदिर को इन फूलों से बेहद भव्य और दिव्य रूप में सजाया गया है।
खाटूश्याम जी मंदिर में हर साल लगने वाला फाल्गुनी लक्खी मेला श्रद्धालुओं के लिए बेहद खास होता है। बाबा श्याम को
कलियुग का भगवान माना जाता है, और मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से उनकी अराधना करता है, उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है।