गांव में कार और बाइक वालों के लिए बड़ी चेतावनी, चूहों से हो रहा भारी नुकसान, जानिए बचाव के जरूरी उपाय
आज गांवों में कार और बाइक रखने वाले लोगों के सामने एक आम लेकिन गंभीर समस्या सामने आ रही है। चूहे गाड़ियों में घुसकर ऐसा नुकसान कर रहे हैं जो अचानक सामने आता है और जेब पर भारी पड़ता है। खेत खलिहान और कच्चे आंगन वाले इलाकों में यह परेशानी अब रोजमर्रा की बात बन चुकी है।
गांवों में चूहों की समस्या क्यों बढ़ रही है
कार और बाइक में सबसे ज्यादा नुकसान कहां होता है
ग्रामीण मैकेनिकों के अनुसार चूहे सबसे पहले गाड़ी की वायरिंग को निशाना बनाते हैं। बाइक में सीट के नीचे बैटरी और लाइट की तारें ज्यादा खराब होती हैं। कार में इंजन के अंदर और डैशबोर्ड के नीचे की वायरिंग अक्सर कट जाती है। कई मामलों में सुबह गाड़ी स्टार्ट नहीं होती और जांच में पता चलता है कि चूहे तार कुतर चुके हैं।
रोज गाड़ी चलाना क्यों जरूरी माना जाता है
गांव में जिन वाहनों को रोज चलाया जाता है उनमें चूहे कम घुसते हैं। इंजन की गर्मी और हलचल चूहों को दूर रखती है। मैकेनिक बताते हैं कि जो गाड़ियां कई दिन तक खड़ी रहती हैं वही सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं। रोज थोड़ी देर गाड़ी चलाने से यह जोखिम काफी कम हो जाता है।
पार्किंग की जगह से खतरा कैसे बढ़ता है
अगर कार या बाइक अनाज के कमरे भूसे के ढेर या खेत के पास खड़ी है तो चूहों का खतरा ज्यादा रहता है। जिन घरों में गाड़ी साफ सूखी और रोशनी वाली जगह खड़ी की जाती है वहां नुकसान कम देखने को मिलता है। कच्ची जमीन पर लंबे समय तक खड़ी गाड़ियों में चूहे आसानी से चढ़ जाते हैं।
देसी उपाय जिन पर गांव में भरोसा है
ग्रामीण इलाकों में लोग नीम की पत्तियां या तेज गंध वाली चीजें इंजन के पास रखते हैं। कई गांवों में पुराने कपड़े में मिट्टी का तेल लगाकर गाड़ी के नीचे रखने का चलन भी है। लोगों का अनुभव है कि इन तरीकों से चूहे पास नहीं आते और नुकसान की आशंका कम रहती है।
समय पर जांच से कैसे बचता है खर्च
गांव के मैकेनिक सलाह देते हैं कि महीने में एक बार बाइक की सीट खोलकर और कार का बोनट उठाकर जरूर देखना चाहिए। अगर शुरुआती नुकसान पकड़ में आ जाए तो बड़ा खर्च बचाया जा सकता है। देर होने पर पूरी वायरिंग बदलनी पड़ती है जो काफी महंगी साबित होती है।
आज यह जानकारी क्यों जरूरी हो गई है
गांव में कार और बाइक अब केवल सुविधा नहीं बल्कि जरूरत बन चुकी हैं। खेत से बाजार और अस्पताल तक हर काम इन्हीं पर निर्भर है। चूहे से अचानक गाड़ी खराब होना पूरे दिन का काम रोक देता है। थोड़ी सावधानी और समय पर ध्यान देकर इस नुकसान से बचा जा सकता है।
डिस्क्लेमर
यह जानकारी सामान्य अनुभव और ग्रामीण मैकेनिकों की सलाह पर आधारित है। किसी भी बड़ी खराबी की स्थिति में अधिकृत मैकेनिक से जांच कराना जरूरी है।
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लेखक के बारे में
युवा और ऊर्जावान पत्रकार चयन प्रजापत 'रॉयल बुलेटिन' के लिए मध्य प्रदेश के इंदौर से रिपोर्टिंग कर रहे हैं। आपकी मुख्य विशेषज्ञता खेल (Sports), कृषि (Farming) और ऑटोमोबाइल (Automobile) सेक्टर में है। चयन प्रजापत इन विषयों की तकनीकी समझ के साथ-साथ ज़मीनी हकीकत को अपनी खबरों में पिरोने के लिए जाने जाते हैं। इंदौर और मालवा क्षेत्र की खबरों के साथ-साथ ऑटोमोबाइल और खेल जगत की विशेष कवरेज के लिए आप रॉयल बुलेटिन के एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।

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