सिविल सर्विसेज परीक्षा में जामिया आरसीए के 38 स्टूडेंट सफल, 15 महिलाएं भी शामिल
नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में जामिया मिल्लिया इस्लामिया आरसीए के छात्रों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। नई दिल्ली स्थित जामिया विश्वविद्यालय की रेजीडेंट कोचिंग एकेडमी (आरसीए) के कुल 38 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। इन 38 अभ्यर्थियों में 15 महिलाएं भी शामिल हैं। जामिया के इन उम्मीदवारों ने सिविल सर्विसेज परीक्षा के 10, टॉप 20 और टॉप 30 में भी अपनी जगह बनाई है। विश्वविद्यालय का कहना है कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के लिए बेहद गर्व की बात है। गौरतलब है कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया की यह आवासीय अकादमी खास तौर पर उन प्रतिभाशाली युवाओं को सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए प्रशिक्षण देती है, जो आर्थिक या सामाजिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हैं।
यहां उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ रहने और मार्गदर्शन की सुविधा भी दी जाती है। सबसे खास बात यह रही कि अकादमी के 4 अभ्यर्थियों ऐसे हैं जिन्होंने सिविल सर्विसेज परीक्षा में देश के टॉप 50 में जगह बनाई है। जामिया के इन प्रतिभाशाली युवाओं ने ऑल इंडिया रैंक 7, 14, 24 और 29 प्राप्त कर जामिया मिल्लिया इस्लामिया का नाम रोशन किया। ऑल इंडिया रैंक 7 पर जामिया आरसीए के एआर राजा मोहिदीन, 14वें पर सुरभि यादव, 24वें स्थान पर इफरा शम्स अंसारी और 29वें स्थान पर नाबिया परवेज हैं। इनके अलावा भी कई अन्य अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास कर विभिन्न अखिल भारतीय और केन्द्रीय सेवाओं में जगह बनाई है। शुक्रवार को यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम जारी किया है। यह परिणाम अगस्त 2025 में आयोजित लिखित परीक्षा और दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच हुए व्यक्तित्व परीक्षण यानी साक्षात्कार के आधार पर घोषित किया गया है।
आयोग की ओर से जारी मेरिट सूची के अनुसार कुल 958 उम्मीदवारों को विभिन्न अखिल भारतीय और केंद्रीय सेवाओं में नियुक्ति के लिए अनुशंसित किया गया है। इनमें अकेले जामिया आरसीए के ही 38 उम्मीदवार शामिल हैं। इस सफलता पर विश्वविद्यालय के कुलपति मजहर आसिफ और कुलसचिव मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, लगन और धैर्य का परिणाम है। साथ ही उन्होंने अकादमी के अध्यापकों और कर्मचारियों की भी सराहना की, जिन्होंने विद्यार्थियों को लगातार मार्गदर्शन दिया और उनका हौसला बढ़ाया। कुलसचिव मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने कहा कि इस बार बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, खासकर महिलाओं की सफलता विश्वविद्यालय के लिए बहुत खुशी की बात है।
उन्होंने कहा कि इन विद्यार्थियों की उपलब्धि आने वाले युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी, जो अभी इस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, अकादमी की प्रभारी प्राध्यापिका समीना बानो ने इस सफलता को विद्यार्थियों की लगातार मेहनत और विश्वविद्यालय प्रशासन के सहयोग का नतीजा बताया। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान अकादमी में पढ़ाई और मार्गदर्शन को और बेहतर बनाने के लिए कई नई पहलें की गईं, जिनका अच्छा परिणाम अब देखने को मिला है। यूपीएससी द्वारा घोषित परिणाम के अनुसार, इस वर्ष सिविल सेवा परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने टॉप किया है। वहीं, दूसरे स्थान पर राजेश्वरी सुवे एम रही हैं और तीसरे स्थान पर अकांश ढुल रहे हैं। बीते साल जामिया आरसीए के 32 छात्रों का यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2024 में चयन हुआ था। तब आरसीए के कुल 78 छात्र अंतिम राउंड तक पहुंचे थे और ये सभी सिविल सर्विसेज के साक्षात्कार में शामिल हुए थे।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां