आरपीएफ-आरपीएसएफ के महानिरीक्षक सहित 15 कर्मियों को विशिष्ट और उल्लेखनीय सेवा पदक
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गणतंत्र दिवस पर दक्षिण रेलवे के महानिदेशक आरोमा सिंह ठाकुर सहित रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) और रेल सुरक्षा विशेष बल (आरपीएसएफ) के 15 अधिकारियों और कर्मियों को उनकी समर्पित सेवा, व्यावसायिकता और रेल सुरक्षा में अनुकरणीय योगदान के सम्मान में राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक (पीएसएम) और मेधावी सेवा पदक (एमएसएम) से सम्मानित किया। रेल मंत्रालय के अनुसार, दक्षिण मध्य रेलवे की महानिरीक्षक अरोमा सिंह ठाकुर को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया। साथ ही उत्तम कुमार बंद्योपाध्याय, कल्याण देओरी, बलवान सिंह, प्रफुल चंद्र पांडा, प्रकाश चरण दास, मुकेश कुमार सोम, पप्पला निवास राव, अनवर हुसैन, निवास रावुला, शिव लहरी मीना, दिक्कला वेंकट मुरली कृष्णा, संजीव कुमार, महेश्वर रेड्डी करनाती, सी. इयाया भारती और मोहम्मद रफीक को उल्लेखनीय सेवा पदक प्रदान किया गया।
उल्लेखनीय है कि पीएसएम विशेष सेवा के लिए दिया जाता है, जबकि एमएसएम कर्तव्यनिष्ठा और सूझबूझ से भरी बहुमूल्य सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। ये पुरस्कार वर्ष में दो बार, गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर दिए जाते हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।
