गाजियाबाद पुलिस ने 8 घंटे के भीतर 56 वांरटी व 3 वांछित किए गिरफ्तार
गाजियाबाद। गाजियाबाद की देहात पुलिस को उस समय बड़ी कामयाबी लगी जब चलाए गए अभियान के तहत महज 8 घंटों के भीतर ही गाजियाबाद की देहात पुलिस ने नो अलग-अलग थाना क्षेत्र से 56 वारंटी एवं तीन वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। आपको बता दें गाजियाबाद की देहात पुलिस ने योजना के तहत एक अभियान […]
गाजियाबाद। गाजियाबाद की देहात पुलिस को उस समय बड़ी कामयाबी लगी जब चलाए गए अभियान के तहत महज 8 घंटों के भीतर ही गाजियाबाद की देहात पुलिस ने नो अलग-अलग थाना क्षेत्र से 56 वारंटी एवं तीन वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
डीसीपी ग्रामीण रवि कुमार ने बताया कि यह सभी अभियुक्त अन्य मामलों में काफी लंबे समय से वारंटी एवं वांछित चल रहे थे। जिनमें हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, बलात्कार, एनडीपीएस जैसी संगीन धाराओं में मुकदमें दर्ज है और कई सालों से कोर्ट में पेशी पर भी नहीं जा रहे थे। जिनके चलते इनके वारंट जारी किए जा चुके थे। बावजूद उसके यह पुलिस गिरफ्त से दूर थे, इसके चलते ही पुलिस ने अभियान चलाया और अभियान के तहत 8 घंटे के भीतर ही 56 वारंटी एवं तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। डीसीपी ग्रामीण के मुताबिक अभियान लगातार जारी रहेगा और अभी अन्य थाना क्षेत्रों में जितने भी इस प्रकार के वांछित एवं वारंटी अभियुक्त फरार चल रहे हैं उनकी गिरफ्तारी भी जल्द ही सुनिश्चित की जाएगी।
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां