किराना व्यापारी के बेटे ने यूपीएससी में लहराया परचम, बहन का सपना पूरा करने को रात-रात भर की पढ़ाई
गाजियाबाद। संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम घोषित होते ही गाजियाबाद के पुरानी सब्जी मंडी इलाके में जश्न का माहौल है। यहां के रहने वाले गर्व गर्ग ने अखिल भारतीय स्तर पर एक सौ बयानवेवीं रैंक हासिल कर जनपद का मान बढ़ाया है। गर्व ने यह गौरवपूर्ण उपलब्धि अपने तीसरे प्रयास में प्राप्त की है, जिससे उनके परिवार और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
गर्व गर्ग एक साधारण पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता राजेश गर्ग क्षेत्र में ही एक किराना स्टोर चलाते हैं और माता निशा गर्ग गृहिणी हैं। तीन बड़ी बहनों के छोटे भाई गर्व की इस सफलता के पीछे एक गहरा भावनात्मक जुड़ाव भी है। दरअसल, उनकी बड़ी बहन तनीषा गर्ग स्वयं प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना देखती थीं, लेकिन किन्हीं कारणों से वह इसे पूरा नहीं कर पाईं। गर्व ने अपनी बहन के उसी अधूरे सपने को अपनी प्रेरणा बनाया और उसे हकीकत में बदल कर दिखाया।
अपनी शैक्षणिक यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए गर्व ने बताया कि उन्होंने वर्ष दो हजार सत्रह में दसवीं और दो हजार उन्नीस में बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज से स्नातक की शिक्षा पूरी की। सिविल सेवा की तैयारी का सफर उन्होंने वर्ष दो हजार बीस के कोरोना काल के दौरान घर से ही शुरू किया था। वर्ष दो हजार इक्कीस में उन्होंने दिल्ली के एक कोचिंग संस्थान से मार्गदर्शन लिया, लेकिन शुरुआती दो प्रयासों में उन्हें असफलता हाथ लगी।
ये भी पढ़ें नोएडा में होली के दौरान दो सोसाइटियों में बवाल, मारपीट के वीडियो वायरल, 10 आरोपी गिरफ्तारचुनौतियों और कड़े परिश्रम पर बात करते हुए गर्व ने साझा किया कि उन्हें रात के शांत माहौल में पढ़ाई करना अधिक रास आता था। वह अक्सर शाम से लेकर अगले दिन सुबह पांच बजे तक अध्ययन करते थे और सुबह ग्यारह बजे सोकर उठने के बाद पुनः अपनी तैयारी में जुट जाते थे। वैकल्पिक विषय के रूप में उन्होंने इतिहास का चयन किया था। तैयारी के दौरान आए आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी उतार-चढ़ाव के बावजूद उन्होंने अपने धैर्य को डगमगाने नहीं दिया।
सफलता का मंत्र साझा करते हुए गर्व गर्ग ने आगामी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को सलाह दी है कि केवल कड़ी मेहनत ही काफी नहीं है, बल्कि एक स्पष्ट रणनीति का होना अनिवार्य है। उन्होंने मुख्य परीक्षा पर विशेष ध्यान देने और आयोग की अपेक्षाओं के अनुरूप उत्तर लेखन का अभ्यास करने पर जोर दिया। गर्व की इस उपलब्धि पर उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और लोग मिठाई बांटकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त कर रहे हैं।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:

टिप्पणियां