गाजियाबाद। जिले में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मतदाता सूची से संबंधित कार्यों और सुनवाई प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने गाजियाबाद के विभिन्न सुनवाई केंद्रों का दौरा किया और 400 से 500 बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) से संवाद किया। BLO ने अपनी कार्यप्रणाली, गणना चरण में आने वाली समस्याओं और अनुभव साझा किए। जिन्होंने बेहतर कार्य किया, उन्हें सम्मानित किया गया।
ये भी पढ़ें नीतीश कटारा मर्डर केस : दिल्ली हाईकोर्ट ने विकास यादव को फरलो देने से इनकार को सही ठहरायामुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि दो प्रकार के मतदाताओं को नोटिस भेजी जा रही है। पहला, जिनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में आया है लेकिन उनकी मैपिंग नहीं हुई। दूसरा, जिनकी मैपिंग हुई लेकिन उसमें कोई गलती रह गई। नो मैपिंग वाले मतदाताओं को सुनवाई स्थल पर बुलाकर दस्तावेज जांच कर फोटो अपलोड की जा रही है। दूसरी श्रेणी के मतदाताओं के लिए व्यवस्था की गई है कि बूथ लेवल अधिकारी उनके घर जाकर सुनवाई करेंगे।
इसके अलावा दावा और आपत्ति की प्रक्रिया में फॉर्म 06 (नाम जोड़ने के लिए), फॉर्म 07 (नाम कटवाने के लिए) और फॉर्म 08 (संशोधन या शिफ्टिंग) का भी संचालन किया जा रहा है। नवदीप रिणवा ने बताया कि 5 फरवरी को 3.3 लाख फॉर्म आए थे, और अब अनुमान है कि कुल एक करोड़ से अधिक फॉर्म 06 प्राप्त होंगे। विशेष रूप से युवा और महिलाओं को टारगेट किया जा रहा है।
फॉर्म 07 के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी व्यक्ति का नाम बिना सुनवाई के नहीं काटा जाएगा। यदि किसी के खिलाफ फॉर्म 07 आता है, तो पहले उसे नोटिस दिया जाएगा और सुनवाई के बाद ही कार्रवाई होगी। किसी भी पात्र मतदाता का नाम कटने की संभावना नहीं है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बूथ लेवल अधिकारी, सुपरवाइजर और अन्य कर्मचारी यदि किसी प्रकार की धमकी या हिंसा का सामना करें, तो तत्परता से कार्रवाई करें और किसी भी उल्लंघन की स्थिति को गंभीरता से निपटाया जाए।
यह निरीक्षण गाजियाबाद में मतदाता सूची सुधार और सुनवाई प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के प्रयास का हिस्सा है।

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