फरीदाबाद में सड़क हादसे में दो ड्राइवरों की मौत, कंपनी के बाहर शव रखकर प्रदर्शन
फरीदाबाद। पृथला की कंपनी में कार्यरत दो ड्राइवरों की केजीपी पर हुए एक सडक़ हादसे में मौत हो गई। परिजनों ने शवों को कंपनी के समक्ष रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी इस हादसे के लिए कंपनी मालिक को जिम्मेदार बता रहे हैं। मृतक के भाई नरेश यादव ने बताया कि उसका भाई रणवीर सिंह निवासी डींग […]
फरीदाबाद। पृथला की कंपनी में कार्यरत दो ड्राइवरों की केजीपी पर हुए एक सडक़ हादसे में मौत हो गई। परिजनों ने शवों को कंपनी के समक्ष रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी इस हादसे के लिए कंपनी मालिक को जिम्मेदार बता रहे हैं।
मृतक के भाई नरेश यादव ने बताया कि उसका भाई रणवीर सिंह निवासी डींग तथा सुक्खी निवासी घोडीचांट पृथला स्थित स्वासका इंजीनियरिंग में बतौर ड्राइवर थे। सुक्खी गाजियाबाद से मॉल से भरी गाड़ी को लेकर आ रहा था, गाड़ी रास्ते में खराब हो गई, जिस पर छुट्टी पर घर पर रहे रणवीर सिंह को फोन कर कंपनी ने बुलाया और दूसरी गाड़ी लेकर रस्सी के जरिए उसे खराब गाड़ी को बांधकर लाने को कहा।
बताया जाता है कि जब दोनों ड्राइवर गाडिय़ों को टोचन कर रहे थे लेकिन गाड़ी में माल अधिक होने के कारण रस्सी टूट गई। तभी पीछे से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उनकी गाड़ी को पीछे से टक्कर दे मारी।
जिससे दोनों ड्राइवरों की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों ने इस दुर्घटना के लिए कंपनी मालिक को दोषी बता कर प्रदर्शन किया। जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और आक्रोशित परिवारों को समझाने का प्रयास किया।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां