नोएडा। बेरोजगार युवक-युवतियों को मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह द्वारा संचालित फर्जी काल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए थाना साइबर क्राइम व थाना फेस-1 पुलिस ने 5 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से 5 लैपटॉप, 24 मोबाइल फोन, 3 फर्जी मोहर, 19 डेबिट, क्रेडिट व पैन कार्ड, 1 चेकबुक, तीन बैंक खातों के स्टेटमेंट तथा कूटरचित दस्तावेज बरामद किया है। अभियुक्तों के विरुद्ध विभिन्न राज्यों से एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर 21 शिकायतें दर्ज है। बदमाशों द्वारा करोड़ों रुपए की ठगी नौकरी दिलाने के नाम पर की गई है।
सेक्टर-14ए एडीसीपी कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि शनिवार को थाना साइबर क्राइम व थाना फेस-1 पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस व संकलित सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश कर 5 अभियुक्त दुर्गेश कुमार पुत्र शीशपाल सिंह, सोनू कुमार पुत्र चमन लाल, पुनीत सिंह पुत्र रंजीत सिंह, अमन शर्मा पुत्र अरजेश शर्मा तथा आलोक पुत्र अनिल कुमार को थाना फेस-1 क्षेत्र के सेक्टर-6 नोएडा से गिरफ्तार किया है।
डीसीपी ने बताया कि पूछताछ में अभियुक्तों द्वारा एक संगठित गिरोह के रूप में कार्य करने की बात सामने आई है। अभियुक्त विभिन्न वेबसाइटों/पोर्टलों के माध्यम से नौकरी की तलाश कर रहे युवक-युवतियों का डाटा एकत्रित कर, उन्हें मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करते थे।उन्होंने बताया कि अभियुक्तों के विरुद्ध विभिन्न राज्यों से NCRP पोर्टल पर कुल 21 शिकायतें दर्ज पाई गई हैं। जिनके माध्यम से यह तथ्य प्रकाश में आया है कि अभियुक्तों द्वारा अपने बैंक खातों में करोड़ों रुपये प्राप्त किए गए हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न अपराध व आईटी एक्ट के अंतर्गत अभियुक्त सोनू कुमार एवं दुर्गेश कुमार को थाना सदर, गुरुग्राम (हरियाणा) पुलिस द्वारा नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी कॉल सेंटर संचालित करने के आरोप में पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि अभियुक्तों के अन्य आपराधिक इतिहास के बारे में विस्तार से जानकारी की जा रही है।
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