संगरूर में प्रदर्शनकारी की बेरहमी से पिटाई पर भड़के राजा वडिंग: एसएसपी को तत्काल सस्पेंड करने की मांग, मान सरकार को दी चेतावनी
चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने संगरूर में एक प्रदर्शनकारी के साथ पुलिस की मारपीट को लेकर भगवंत मान सरकार पर हमला बोला है। घटना की निंदा करते हुए उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई, एसएसपी को निलंबित करने और कथित तौर पर शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। वडिंग ने कहा कि वह पीड़ित से मुलाकात करेंगे और कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर 8 सितंबर को चंडीगढ़ में बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी।
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ये भी पढ़ें हरियाणा में दमकल कर्मियों पर सरकार की बड़ी कार्रवाई: 8 बर्खास्त, 12 निलंबित; 6 सितंबर तक बढ़ी हड़तालराजा वडिंग ने आरोप लगाया कि संगरूर में मुख्यमंत्री को काला झंडा दिखाने वाले प्रदर्शनकारी के साथ पुलिस ने कथित तौर पर बेहद अमानवीय व्यवहार किया। किसी व्यक्ति द्वारा विरोध जताने के लिए काला झंडा दिखाना ऐसी कार्रवाई का आधार नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति सरकार का विरोध करता है तो उसके साथ कानून के दायरे में व्यवहार होना चाहिए। प्रदर्शनकारी के साथ मारपीट की गई और उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी को नशे की हालत में दिखाने का प्रयास किया गया।
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लेकिन, सवाल है कि यदि वह व्यक्ति नशे में था तो उसका मेडिकल या डोप टेस्ट कराया जा सकता था, उसके साथ मारपीट करने की जरूरत क्यों पड़ी। राजा वडिंग ने मामले को मानवाधिकारों से जोड़ते हुए कहा कि उन्होंने इस संबंध में पत्र भी लिखा है। उन्होंने मांग की कि संगरूर एसएसपी को तत्काल निलंबित किया जाए और कथित घटना में शामिल पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
इस मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। वह स्वयं पीड़ित से मिलकर उसकी स्थिति और पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मामले में एसआईटी गठित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कई मामलों में सरकार तत्काल एसआईटी का गठन करती है, इसलिए इस मामले में भी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और किसकी क्या भूमिका थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से मीडिया के सामने आकर पूरे मामले पर स्पष्टीकरण देने की भी मांग की। राजा वडिंग ने पंजाब सरकार पर कर्मचारियों से किए गए कथित वादे पूरे नहीं करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि सरकार लगातार कर्ज ले रही है और कर्मचारियों को उनके बकाया या मांगों के संबंध में स्पष्ट समाधान देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कर्मचारियों को किश्तों में भुगतान और पुरानी पेंशन योजना जैसे मुद्दों पर किए गए वादों को लेकर अब सरकार पर भरोसा कम हुआ है। कर्मचारियों को केवल आश्वासन देने के बजाय ठोस निर्णय लिया जाए।
राजा वडिंग ने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी इन मुद्दों और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ 8 सितंबर को चंडीगढ़ में बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री से जवाब मांगा जाएगा। संगरूर की घटना को लेकर कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी और सरकार को इस मामले की निष्पक्ष जांच करानी होगी। यदि एसआईटी गठित होती है तो जांच के जरिए पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकती है और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जा सकती है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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