गुजरात: अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 40 किलो चोरी की चांदी जब्त की, एक गिरफ्तार
राजकोट/अहमदाबाद। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने गुजरात के राजकोट में हुई चांदी की एक बड़ी चोरी के सिलसिले में 40 किलो चांदी बरामद की है और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इस चोरी में करीब 120 किलो चांदी चोरी हुई थी। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
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चोरी की घटना 4 फरवरी को राजकोट के चंपक नगर इलाके से दर्ज की गई थी। पुलिस के अनुसार, रविवार तड़के अज्ञात लोगों ने एक आवासीय परिसर में सेंध लगाई और 1 करोड़ रुपए से अधिक की चांदी चुरा ली। अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध सुबह 2 से 2:30 बजे के बीच एक चार पहिया वाहन में आए और बिपिन के घर को निशाना बनाया, जो स्थानीय व्यापारी अतुल पटेल के जानकार हैं। घटना की जानकारी मिलते ही बिपिन ने पटेल को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और जांच शुरू की गई।
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संदिग्धों की पहचान के लिए आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। जांच के दौरान, शहर की क्राइम ब्रांच को विशिष्ट सूचना मिली कि चोरी की गई चांदी का एक हिस्सा बिक्री के लिए मेहसाना ले जाया जा रहा था। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए, क्राइम ब्रांच की एक टीम ने लक्षित अभियान चलाया और 40 किलो चांदी जब्त की। इस मामले में प्रदीप प्रजापति नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
अधिकारियों ने पुष्टि की कि बरामद चांदी राजकोट से चोरी हुई खेप का हिस्सा है। दूसरा आरोपी, जिसकी पहचान मुकेश प्रजापति के रूप में हुई है, अभी भी फरार है और संदेह है कि उसके पास शेष चोरी की चांदी है। एक अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, हमने प्रदीप को चोरी के कीमती सामान के साथ पकड़ा है। फिलहाल औपचारिकताएं चल रही हैं। सीसीटीवी में देखा गया एक अन्य आरोपी फरार है और हम उसकी तलाश कर रहे हैं। संभावना है कि चांदी खरीदने वाले एजेंट या अन्य आरोपी सामने आ सकते हैं।
प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि चोरी पूर्व नियोजित थी और इसमें एक से अधिक व्यक्ति शामिल थे। पुलिस ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी के लिए सूरत और वडोदरा में टीमें तैनात की गई हैं। शेष 80 किलो चांदी बरामद करने और अपराध से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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