गाजियाबाद। आठ गांवों की जमीन पर बसने वाली हरनंदीपुरम टाउनशिप को लेकर एक बार फिर से जीडीए ने अलग योजना तैयार की है। जीडीए ने हरनंदीपुरम टाउनशिप के पहले चरण में अब आठ गांव की जगह पांच गांवों की जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की है। बाकी तीन बचे गांवों को पहले चरण की प्रक्रिया से बाहर किया गया है।
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बताया जा रहा है कि जिन तीन गांवों को पहले चरण की प्रक्रिया से बाहर किया गया है उन गांवों में सर्किल रेट अधिक है। जिसके चलते बाकी बचे पांच गांव के किसान भी तीन गांवों के सर्किल रेट के बराबर ही अपनी जमीन का दाम मांग रहे हैं। इसके चलते गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने तीन गांवों को हरनंदीपुरम टाउनशिप योजना से फिलहाल अगल करके रखा है।
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हरनंदीपुरम टाउनशिप को लेकर जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में जमीन का दाम तय करने की प्रक्रिया को चालू करने के लिए जीडीए अधिकारियों की मौजूदगी में बैठक हुई थी। इस बैठक में बनी सहमति के बाद हरनंदीपुरम टाउनशिप में जिन गांवों को पहले चरण में होल्ड पर रखा गया है उनमें शाहपुर मोरटा, भोवापुर और मोरटा हैं। वहीं बैठक में बाकी के पांच गांव की जमीन का दाम तय करने पर सहमति बन गई है।
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पहले चरण में जिन पांच गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी उनमें नगला फिरोजपुर, शमशेर, मथुरापुर, भनेडा खुर्द और चंपतनगर शामिल किया गया है। जीडीए अधिकारियों के अनुसार इन गांव के किसानों में करीब 40 प्रतिशत ने जमीन देने के लिए सहमति जताई है। सहमति देने वालों की रिपोर्ट तैयार कर अगली बैठक में रखी जाएगी। जिसमें जमीन के दाम सर्किल रेट के हिसाब से तय किए जाएंगे। इस संबंध में जीडीए वीसी अतुल वत्स ने बताया कि जिन गांवों को योजना से बाहर किया गया है। वहां अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण की कार्यवाही होगी। उन्होंने बताया कि अभी योजना से तीन गांवों की जमीन को होल्ड पर रखने से योजना पर कोई खास असर नहीं पडेगा।