सजा नहीं दवा है उपवास, पाचन तंत्र से लेकर नई कोशिकाएं बनाने में मददगार
नई दिल्ली। पेट शरीर का अहम और जरूरी हिस्सा होता है। माना जाता है कि अगर पेट सही है तो आधी से ज्यादा बीमारियां अपने आप ठीक हो जाती हैं, लेकिन आज की आरामदायक जीवनशैली की वजह से पेट से जुड़े रोग हर उम्र के लोगों की परेशानी बन चुके हैं। भूख न लगना, गैस बनना, एसिडिटी, अपच और पेट में भारीपन की समस्या साधारण बन गई है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक तरीके से सारी बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है? हम बात कर रहे हैं उपवास की। भले ही उपवास में खुद को भूखा रखना होता है, लेकिन ये सजा नहीं बल्कि औषधि है।
इसके अलावा, जितना हो सके, शहद वाला पानी, नारियल पानी, और सादे पानी का सेवन करें। पानी शरीर की सारी गंदगी को बाहर निकालने में मदद करेगा। कुछ लोगों को लगता है कि उपवास रखने से कमजोरी महसूस होगी, लेकिन ऐसा नहीं है। यह सिर्फ हमारे मन का वहम होता है क्योंकि भोजन से शरीर को 30-40 फीसदी ही ऊर्जा मिलती है, बाकी ऊर्जा पानी, हवा, और आराम करने से मिलती है। इसलिए यह सोचना गलत है कि उपवास करने से कमजोरी महसूस होगी। जापान के वैज्ञानिक उपवास पर शोध भी कर चुके हैं। साल 2018 में हुए शोध के मुताबिक उपवास रखने से शरीर खराब कोशिकाओं को हटाकर नई और स्वस्थ कोशिकाएं बनाता है। इस प्रक्रिया को ऑटोफैगी कहा जाता है।
