सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है घुटनों का दर्द? जानिए कारण और आयुर्वेदिक इलाज
नई दिल्ली। सर्दियों के मौसम में बहुत से लोगों को घुटनों के दर्द और जोड़ों की जकड़न की समस्या सताने लगती है, खासकर बुजुर्गों, आर्थराइटिस के मरीजों और उन लोगों को जो पहले से जोड़ों की परेशानी झेल रहे होते हैं। ठंड बढ़ते ही ऐसा लगता है जैसे घुटनों में जंग लग गई हो, उठना-बैठना और चलना-फिरना मुश्किल हो जाता है। इसके पीछे सिर्फ ठंड नहीं, बल्कि शरीर के अंदर होने वाले कई बदलाव जिम्मेदार होते हैं।
यही वजह है कि सर्दियों में घुटनों की समस्या ज्यादा महसूस होती है। आयुर्वेदिक इलाज और घरेलू उपाय इस दर्द में काफी राहत दे सकते हैं। सबसे आसान और असरदार उपाय है तेल मालिश। रोजाना तिल के तेल या महानारायण तेल से घुटनों की हल्की मालिश करने से जोड़ों में गर्माहट आती है और जकड़न कम होती है। सुबह खाली पेट भिगोए हुए मेथी दाने खाना भी फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि मेथी की तासीर गर्म होती है और सूजन घटाने में मदद करती है। हल्दी और अदरक का काढ़ा पीने से अंदरूनी सूजन कम होती है और जोड़ों को ताकत मिलती है। इसके साथ-साथ सर्दियों में गुनगुना पानी पीना, धूप में रोज कुछ देर बैठना और हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करना बहुत जरूरी है। इसके अलावा, ठंडी फर्श पर बैठने, नंगे पैर चलने और ठंडे खाने से बचना चाहिए। अगर दर्द ज्यादा हो या लंबे समय तक बना रहे, तो आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लेना बेहतर रहता है।
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लेखक के बारे में
रविता ढांगे 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और डिजिटल न्यूज़ डेस्क के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 'समाचार टुडे' से की थी, जहाँ उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों और न्यूज़ ऑपरेशन्स के बुनियादी सिद्धांतों को सीखा।
रविता ढांगे की सबसे बड़ी विशेषता उनकी मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि है; उन्होंने BCA, PGDCA और MCA (Master of Computer Applications) जैसी उच्च डिग्रियां प्राप्त की हैं। उनकी यह तकनीकी विशेषज्ञता ही 'रॉयल बुलेटिन' को डिजिटल रूप से सशक्त बनाती है। वर्ष 2022 से संस्थान का अभिन्न हिस्सा रहते हुए, वे न केवल खबरों के संपादन में निपुण हैं, बल्कि न्यूज़ एल्गोरिदम और डेटा मैनेजमेंट के जरिए खबरों को सही दर्शकों तक पहुँचाने में भी माहिर हैं। वे पत्रकारिता और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के बेहतरीन संगम का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिससे पोर्टल की डिजिटल रीच और विश्वसनीयता में निरंतर वृद्धि हो रही है।
