मुजफ्फरनगर में तेज रफ्तार वाहन ने रिक्शे में मारी जोरदार टक्कर, आठ माह की गर्भवती समेत तीन महिलाएं घायल
खालापार इलाके में बिना नंबर प्लेट की गाड़ी ने रिक्शे में मारी टक्कर, चालक गाड़ी छोड़कर भागा
मुजफ्फरनगर के खालापार थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहन ने रिक्शे को टक्कर मार दी। हादसे में 8 माह की गर्भवती समेत तीन महिलाएं घायल हो गईं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुजफ्फरनगर। थाना खालापार क्षेत्र में तेज रफ्तार और कथित लापरवाही से वाहन चलाने का मामला सामने आया है। खालापार टंकी से आगे जोहड़ वाली मस्जिद के पास पीछे से आई तेज रफ्तार नीले रंग की बलेनो कार ने रिक्शे में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में रिक्शे में सवार तीन महिलाएं सड़क पर गिरकर रिक्शे के नीचे दब गईं। घायलों में एक महिला आठ माह की गर्भवती बताई गई है। हादसे में गर्भवती महिला का जबड़ा टूट गया, जबकि दूसरी महिला के पैर और पेट में चोटें आईं। तीसरी महिला को भी शरीर के कई हिस्सों में चोटें लगने की बात कही गई है। पीड़िता की तहरीर पर थाना खालापार पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, घायल महिलाओं के परिजनों ने पुलिस पर समय से मेडिकल नहीं कराने और मदद नहीं करने का आरोप लगाया है। इस मामले में दरोगा और हाई कोर्ट की अधिवक्ता के बीच हुई बहस का वीडियो भी इंटरनेट पर प्रसारित होने की बात सामने आई है।
पीछे से तेज रफ्तार में आई कार ने रिक्शे में मारी टक्कर
पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, दक्षिणी खालापार निवासी अफशा पुत्री मतलूब अहमद अपनी बहन लायबा उम्र करीब 24 वर्ष और भाभी तसनीम उम्र करीब 28 वर्ष पत्नी मोहम्मद आबिद के साथ रिक्शे में सवार होकर जा रही थीं। तीनों महिलाएं खालापार टंकी से आगे जोहड़ वाली मस्जिद के पास से गुजर रही थीं। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आई नीले रंग की बलेनो कार ने रिक्शे में जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर लगते ही पलट गया रिक्शा, नीचे दब गईं महिलाएं
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया और उसमें सवार तीनों महिलाएं सड़क पर जा गिरीं। इसके बाद तीनों महिलाएं रिक्शे के नीचे दब गईं। हादसा देखकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद महिलाओं को रिक्शे के नीचे से बाहर निकाला। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
आठ माह की गर्भवती महिला का जबड़ा टूटा
घायल महिलाओं में तसनीम आठ माह की गर्भवती बताई गई हैं। परिजनों के अनुसार हादसे में उनके जबड़े में गंभीर चोट आई और चिकित्सकीय जांच में जबड़ा टूटने की बात सामने आई। वहीं लायबा के पैरों और पेट में चोटें आईं, जबकि अफशा के शरीर के कई हिस्सों में गुम चोटें बताई गई हैं। परिजनों के मुताबिक तीनों महिलाओं का संतोष अस्पताल में करीब तीन दिन तक उपचार चला।
अधिवक्ता ने पुलिस पर लगाए मेडिकल न कराने के आरोप
घायल महिलाओं के परिवार की ओर से दिल्ली हाई कोर्ट की अधिवक्ता नूरजहां उर्फ गुड़िया ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि घटना 30 अगस्त को हुई थी और हादसे में उनकी देवरानी तसनीम, ननद अफशा और लायबा घायल हुई थीं। अधिवक्ता का आरोप है कि पुलिस द्वारा समय से घायलों का मेडिकल नहीं कराया गया और पुलिस की ओर से अपेक्षित मदद भी नहीं मिली। दिल्ली हाई कोर्ट की अधिवक्ता ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। इसी दौरान दरोगा और अधिवक्ता के बीच हुई बहस का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने की बात कही जा रही है। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
लोगों ने चालक को पकड़ लिया, बाद में वाहन छोड़कर फरार
तहरीर के मुताबिक हादसे के बाद आसपास के लोगों ने कार चालक को पकड़ लिया था। उसकी पहचान आशू उर्फ सोनू पुत्र इरशाद निवासी बसी, शाहपुर के रूप में बताए जाने की बात शिकायत में कही गई है। आरोप है कि चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था। इसी बीच चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया।
बिना नंबर प्लेट की थी कार, चेसिस नंबर पुलिस को दिया
पीड़िता के अनुसार दुर्घटना करने वाली बलेनो कार पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी। वाहन की पहचान के लिए उसका चेसिस नंबर MBHHWB13STHD60467 पुलिस को उपलब्ध कराया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इसी वाहन के माध्यम से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया था। पुलिस अब चेसिस नंबर के आधार पर वाहन की पहचान, स्वामित्व और दस्तावेजों की जानकारी जुटाने में लगी है।
चौकी प्रभारी ने कहा—मुकदमा दर्ज, नियमानुसार होगी कार्रवाई
मामले में खालापार चौकी प्रभारी असगर अली ने बताया कि घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले में जो भी विधिक कार्रवाई होगी, वह नियमानुसार की जाएगी। पुलिस द्वारा घटना की परिस्थितियों, आरोपी चालक की भूमिका, वाहन के दस्तावेज और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।
मेडिकल रिपोर्ट और वाहन की जांच बनी अहम कड़ी
पुलिस जांच में घायल महिलाओं की मेडिकल रिपोर्ट, दुर्घटना के कारणों, वाहन की स्थिति और चालक के दस्तावेजों को अहम साक्ष्य माना जा रहा है। बिना नंबर प्लेट के वाहन के चेसिस नंबर के आधार पर उसकी पहचान और स्वामित्व संबंधी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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लेखक के बारे में
पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय मौहम्मद शाहनवाज मुज़फ्फरनगर के एक प्रतिष्ठित और विश्वसनीय पत्रकार हैं। वर्तमान में आप राष्ट्रीय सहारा के जिला प्रभारी (मुज़फ्फरनगर) के रूप में कार्यरत हैं और साथ ही उत्तर प्रदेश के प्रमुख मीडिया संस्थान रॉयल बुलेटिन में संवाद सहयोगी की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। डेढ़ दशक के लंबे अनुभव के साथ मौ. शाहनवाज ने अपनी प्रखर लेखनी से राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर गहरी छाप छोड़ी है। उनसे मोबाइल नंबर 9058673434 पर संपर्क किया जा सकता है।

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