मुरादाबाद में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ा, दर्जनभर गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, फसलों पर मंडराया संकट
कोसी नदी के उफान से मुरादाबाद के ग्रामीण इलाकों में रास्तों पर भरा पानी, किसानों ने मुआवजा मांगा
मुरादाबाद में कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर से दर्जनभर गांव प्रभावित हुए हैं। खेतों और रास्तों में पानी भरने से आवागमन ठप है और फसलों के नुकसान की आशंका है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मदद और फसल सर्वे की मांग की है।
मुरादाबाद: जिले में कोसी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने की वजह से ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। नदी में पानी का बहाव तेज होने के कारण आसपास के करीब दर्जनभर गांव इसकी चपेट में आ चुके हैं। कई इलाकों में किसानों के खेत पूरी तरह से पानी में डूब गए हैं। खेतों में पानी जमा होने से खड़ी फसलों पर बर्बादी का संकट मंडराने लगा है, जिससे गांव के लोगों और किसानों की चिंता काफी ज्यादा बढ़ गई है।
गांवों के रास्तों पर भरा पानी, आवागमन हुआ कठिन
कोसी नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर का सीधा असर अब सिर्फ खेतों तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि गांवों को जोड़ने वाले ग्रामीण संपर्क मार्गों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कई मुख्य रास्तों और पगडंडियों पर पानी भर जाने के कारण लोगों का आना-जाना बहुत मुश्किल हो गया है। गांव के लोगों को अपने दैनिक कामकाज और रोजमर्रा की जरूरी चीजों के लिए बाहर निकलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी और चिंता उन परिवारों को बनी हुई है, जिनके घरों और बस्तियों के आसपास पानी का स्तर लगातार ऊपर उठ रहा है।फसलों के नुकसान और बड़े आर्थिक संकट का डर
स्थानीय ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि नदी का जलस्तर हर घंटे बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते शासन और प्रशासन की ओर से राहत व बचाव के जरूरी इंतजाम नहीं किए गए, तो आने वाले समय में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। खेतों में जलभराव होने से तैयार फसलों को बहुत बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है। फसलों के खराब होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, जिससे उनकी आजीविका पर गहरा असर पड़ेगा।
जिला प्रशासन से राहत और मुआवजे की मांग
बाढ़ के बनते हालातों और गंभीर स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है। गांव वालों ने मांग की है कि प्रभावित गांवों में तुरंत राहत सामग्री और जरूरी सहायता पहुंचाई जाए। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जिन रास्तों पर पानी भरा हुआ है, वहां हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाने चाहिए ताकि कोई दुर्घटना न हो। इसके साथ ही ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि खेतों में डूबी फसलों का तुरंत सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित सहायता उपलब्ध कराई जाए।
ये भी पढ़ें मुरादाबाद में जीर्णोद्धार के बाद पुलिस कार्यालय का उद्घाटन, डीआईजी और एसएसपी ने किया शुभारंभबढ़ते जलस्तर से लगातार गहरा रहा संकट
फिलहाल कोसी नदी के इस उफान और बढ़ते जलस्तर ने मुरादाबाद के तमाम ग्रामीण इलाकों में डर और चिंता का माहौल बना दिया है। अब पूरे इलाके के लोगों की नजरें जिला प्रशासन की तैयारियों, राहत कार्य और बचाव व्यवस्था पर टिकी हुई हैं। बताया जा रहा है कि यदि नदी का जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा, तो बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों की संख्या में और इजाफा हो सकता है, जिससे किसानों और ग्रामीण परिवारों की मुश्किलें और अधिक बढ़ना तय माना जा रहा है।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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