जंतर-मंतर मारपीट मामले में दिल्ली में बवाल, संसद मार्ग थाने के बाहर सीजेपी का जोरदार प्रदर्शन, सांसद पप्पू यादव भी पहुंचे
निशु आजाद के पिता के साथ मारपीट और धमकियों के खिलाफ संसद मार्ग थाने पर सीजेपी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता संजय आजाद के साथ हुई मारपीट मामले को लेकर संसद मार्ग थाने के बाहर सीजेपी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सांसद पप्पू यादव भी शामिल हुए और सरकार पर निशाना साधा।
नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता संजय आजाद के साथ हुई मारपीट के मामले को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। स्वतंत्र भारद्वाज की तरफ से लगाए गए दावों के बाद इस पूरे विवाद ने काफी तूल पकड़ लिया है। इस घटना के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता और भारी संख्या में समर्थक दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन यानी संसद मार्ग थाने के बाहर इकट्ठा होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सीजेपी संगठन की ओर से इस पूरे मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई और न्याय दिलाने की मांग की जा रही है।
संसद मार्ग थाने के बाहर बड़ी संख्या में मौजूद सीजेपी कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी कर रहे हैं और इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं। प्रदर्शनकारी हाथों में पोस्टर थामे थाने के बाहर जमे हुए हैं। इस प्रदर्शन के बीच ही संगठन के प्रमुख नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात भी की है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीसीपी नई दिल्ली जोन-2 खुद मौके पर मौजूद हैं। इसके साथ ही निशु के पिता संजय आजाद भी थाने के भीतर मौजूद हैं।सांसद पप्पू यादव ने सरकार पर साधा निशाना
पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर चल रहे इस प्रदर्शन में पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव भी शामिल हुए। सीजेपी के लोगों के साथ प्रदर्शन में पहुंचे पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने सरकार की कार्यशैली और नीयत पर गंभीर सवाल उठाए।
ये भी पढ़ें गाजियाबाद में चाय पत्ती में मिला लोहे का बुरादा, खाद्य सुरक्षा विभाग ने 1860 किलो अमर लीफ टी की सीलप्रदर्शन के दौरान मीडिया से बात करते हुए सांसद पप्पू यादव ने कहा कि सरकार को दलितों, कमजोर वर्ग, गरीबों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों से इतनी नफरत क्यों है। उन्होंने सवाल किया कि क्या ये लोग संविधान और लोकतंत्र से भी ऊपर हो चुके हैं। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि इन लोगों ने खुद को देश के संविधान से ऊपर मान लिया है।
अपनी बात को जारी रखते हुए पप्पू यादव ने कहा कि वे हमेशा बेटियों पर अत्याचार करते हैं, चाहे वह मणिपुर की बेटी हो या फिर दिल्ली की बेटी। पप्पू यादव ने दावा किया कि उनके गुंडे खुलेआम कहते हैं कि वे मंत्री के साथ हैं और मंत्री उनका भाई है। गुंडों का कहना है कि उन्होंने किसी को पीटा है, जिससे 62 टांके आए हैं और वे आगे फिर मारेंगे। सांसद ने सवाल उठाया कि क्या सरकार इसे आतंकवादियों का देश बनाना चाहती है, क्योंकि अगर ऐसा ही चलता रहा तो कोई भी बच्ची सुरक्षित घर से बाहर नहीं निकल पाएगी।
मामले में धाराओं को बढ़ाने और कानूनी कार्रवाई की तैयारी
इस पूरे मामले में चल रही कानूनी प्रक्रिया को लेकर इंडियन यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने विस्तृत जानकारी दी है। अक्षय लाकड़ा ने बताया कि पहली बात तो यह है कि दर्ज की गई एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट (SC/ST Act) जोड़ दिया गया है।
अक्षय लाकड़ा ने आगे बताया कि एफआईआर में आईपीसी की धारा 308 के अलावा धारा 307 यानी हत्या के प्रयास की धारा जोड़ने के लिए मेडिकल ओपिनियन ली जा रही है। धारा 307 जोड़ने के लिए डॉक्टरों से बातचीत करना जरूरी है, लेकिन आज राजपत्रित अवकाश होने के कारण डॉक्टर अभी उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि अक्षय लाकड़ा ने कहा कि आज ही के अंदर डॉक्टर इस मेडिकल ओपिनियन को फाइनल कर देंगे।
अक्षय लाकड़ा ने यह भी बताया कि निशु ने खुद भी एक अलग शिकायत पुलिस को दी है। निशु को सोशल मीडिया के जरिए रेप की धमकी दी गई थी, जिसका दिल्ली पुलिस ने संज्ञान लिया है। प्रदर्शनकारी इस समय रेप की धमकी को लेकर अलग से शिकायत दे रहे हैं और इस पर तुरंत एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। साथ ही जिन लोगों ने उकसाया और रेप की धमकी दी, उन पर पहले कार्रवाई करने की मांग की जा रही है।
पॉडकास्ट वीडियो का ट्रांसक्रिप्शन और सीजेपी की मुख्य मांगें
कानूनी साक्ष्यों के बारे में बात करते हुए अक्षय लाकड़ा ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने यह सुनिश्चित किया है कि जिस पॉडकास्ट वीडियो से यह पूरा मुद्दा उठा है, उसके हिंदी और अंग्रेजी ट्रांसलेशन तथा ट्रांसक्रिप्ट जमा कराए जाएं। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के लीगल सेल के वकील ऋषभ ने खुद थाने पहुंचकर ये ट्रांसक्रिप्ट पुलिस के सुपुर्द किए हैं।
अक्षय लाकड़ा ने प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी उनकी सबसे प्रमुख मांग है। हालांकि आरोपी अभी दिल्ली में मौजूद नहीं है और दिल्ली पुलिस उसे बाहर से लेकर आएगी। प्रदर्शनकारियों की दूसरी मुख्य मांग है कि मामले में हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी जाए और पीड़ित पक्ष को अतिरिक्त एफआईआर की कॉपी मुहैया कराई जाए।
पुलिस की भूमिका और सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास के सवाल
उधर, सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने मीडिया से बातचीत में पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए। सौरव दास ने कहा कि जंतर-मंतर पर जब उनका शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था, तब वहां हिंसा की घटना हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि ये आरोपी लोग इतने समय से दिल्ली में खुलेआम क्यों घूम रहे हैं, यह उनकी समझ से परे है।
सौरव दास ने दिल्ली पुलिस के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस बार-बार कह रही थी कि जंतर-मंतर पर 2,800 से ज्यादा घोर अपराधियों की पहचान की गई है। सौरव दास ने पूछा कि जब 2,800 अपराधियों की पहचान हो चुकी है तो पुलिस उन लोगों को ऐसी छूट क्यों देना चाह रही है।
सौरव दास ने मांग रखी कि पुलिस उन 2,800 अपराधियों की पहचान करे और अगर उन्होंने कोई संगीन अपराध किया है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करके उन्हें जेल में डाले। उन्होंने सवाल किया कि क्या दिल्ली में कानून व्यवस्था इतनी दुर्बल हो गई है और कहा कि दिल्ली पुलिस को इसका जवाब देना ही होगा। सौरव दास ने कहा कि उस घटना के बाद से अब तक दिल्ली पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है, इसीलिए वे आज प्रदर्शन करने आए हैं। उन्होंने कहा कि वे पहले दिन से छात्रों के साथ खड़े हैं और आगे भी उनके साथ रहेंगे।
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