आक्रांता मंदिर तोड़ सकता है, हमारी आस्था नहीं: लखनऊ पुलिस लाइन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर बोले सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमलावरों ने आस्था नष्ट करने की कोशिश की, लेकिन वे खुद मिट गए
लखनऊ पुलिस लाइन में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आक्रांता मंदिर तोड़ सकते हैं लेकिन आस्था नहीं। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण के लिए 140 करोड़ देशवासियों को ईमानदारी से कर्तव्य निभाने का आह्वान किया।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी के पुलिस लाइन में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कोई भी हमलावर या आक्रांता मंदिर तो तोड़ सकता है, लेकिन हमारे मन में बसी आस्था को कभी खत्म नहीं कर सकता। आक्रांता मूर्तियां तोड़ सकते हैं और मंदिरों के ऊपर अपनी इमारतें खड़ी कर सकते हैं, लेकिन वे हमारे दिलों में बसे भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण को कभी छू भी नहीं पाए। उन्होंने इतिहास का उदाहरण देते हुए कहा कि सोमनाथ मंदिर को बार-बार तोड़ा गया, लेकिन भारत के लोगों ने उसे बार-बार बनाकर खड़ा किया। इसी तरह अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भगवान राम का मंदिर बार-बार तोड़ा गया, लेकिन आज वह मंदिर अपनी अजेय पताका के साथ पूरे गर्व से खड़ा है। काशी में बाबा विश्वनाथ का मंदिर भी बार-बार तोड़ा गया था, जिसे पहले लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने बनवाया और आज के आधुनिक भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी विश्वनाथ धाम के रूप में इसे एक अत्यंत भव्य और नया स्वरूप दिया है।
आस्था मिटाने वाले खुद इतिहास में खो गए
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में आगे कहा कि जिन लोगों ने भारत के अस्तित्व को मिटाने और यहां के समाज की आस्था को नष्ट करने का प्रयास किया, वे खुद ही इतिहास के पन्नों में मिटकर गायब हो गए। आज के समय में उन हमलावरों को कोई याद करने वाला या पूछने वाला भी नहीं बचा है। इसके ठीक विपरीत भारत आज भी पूरी तरह से जाग्रत है और अपनी सनातन तथा शास्कत यात्रा को निरंतर आगे बढ़ा रहा है। लखनऊ पुलिस लाइन का यह पावन आयोजन हम सभी को योगेश्वर श्रीकृष्ण के उसी शाश्वत संदेश के साथ जोड़ता है, जो पिछले 5,000 वर्षों से भी अधिक समय से हर तरह की सम और विषम परिस्थितियों में हमारे समाज का मार्गदर्शन करता आ रहा है।भगवान श्रीकृष्ण के जीवन चरित्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण का जन्म जेल की अंधेरी काल कोठरी में हुआ था। उनका जन्म भले ही अंधकार में हुआ हो, लेकिन श्रीकृष्ण ने अपने पूरे जीवन में उन सभी विपरीत परिस्थितियों को परास्त करते हुए पूरे समाज को प्रकाश का मार्ग दिखाया। धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना करने के उद्देश्य से ही प्रभु का इस धरती पर अवतरण हुआ था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि धर्म कुछ और नहीं, बल्कि वही कर्तव्य है, जिसका पालन करते हुए हमने भगवान श्रीकृष्ण को कंस के विरुद्ध खड़े होते देखा और महाभारत के युद्ध में भी देखा। जीवन में जब भी किसी बात को लेकर भ्रम या संशय पैदा होता है, तब कर्म करने की सच्ची प्रेरणा देने वाला श्रीकृष्ण का संदेश हमें श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से प्राप्त होता है। हर सनातनी और हर भारतवासी बेहद श्रद्धा के साथ भगवान का स्मरण करता है।
मथुरा-वृंदावन में उमड़ा आस्था का जनसैलाब
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा और वृंदावन के अपने हालिया दौरे का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह उनका बड़ा सौभाग्य रहा कि वे कल से लेकर आज दोपहर तक वृंदावन और मथुरा में ही मौजूद थे। वहां श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा हुआ था। दर्शन करने आए श्रद्धालुओं को न तो कड़कती धूप और गर्मी की कोई चिंता थी, न ही तेज बरसात की परवाह थी। लोगों को न किसी प्रकार की असुविधा महसूस हो रही थी और न ही मन में कोई संकोच था। वहां पहुंचे सभी लोगों के मन में केवल एक ही भाव और एक ही इच्छा थी कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि में जाकर भगवान के दर्शन करने हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल, गोवर्धन, बलदेव और नंदगांव जैसे सभी क्षेत्रों में आज भी भगवान श्रीकृष्ण की वे पुरानी स्मृतियां लोगों के मन में गहराई से बसी हुई हैं। इन पावन क्षेत्रों में रहने वाले लोग बिना वजह पहाड़ों का खनन नहीं करते, पेड़ों की टहनियां नहीं तोड़ते और प्रकृति को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। उन्होंने पौराणिक प्रसंग का जिक्र करते हुए कहा कि जब भगवान इंद्र अपनी पूजा कराना चाहते थे, तब श्रीकृष्ण ने स्पष्ट कहा था कि इंद्र की पूजा नहीं होनी चाहिए। श्रीकृष्ण का कहना था कि हमें तो उसकी पूजा करनी चाहिए जो हमारे अन्नदाता किसानों और हमारे पशुपालकों को संरक्षण प्रदान करता है।
इसी कारण से हम सभी लोग पिछले 5,000 वर्षों से लगातार गोवर्धन पर्वत की पूजा करते आ रहे हैं। श्रद्धालु गोवर्धन की परिक्रमा करते हैं और लाखों की संख्या में वहां पहुंचते हैं। अटूट श्रद्धा का यह भाव हमें दिखाता है कि कोई भी आक्रांता मंदिर तो तोड़ सकता है, लेकिन हमारी आस्था को कभी नहीं तोड़ सकता।
सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और विकसित भारत का संकल्प
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जीवन में सही दिशा चुनने की सीख देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संदेश हम सभी के लिए एक ही है कि इंसान को कर्म क्षेत्र में खुद को पहचानना चाहिए। आज समाज और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में एक नई प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। एक नए भाव के साथ पूरा देश आगे बढ़ने के लिए उत्सुक दिखाई दे रहा है, लेकिन यह प्रतिस्पर्धा हमेशा सकारात्मक होनी चाहिए। जिन लोगों ने भारत की आस्था को नष्ट करने की कोशिश की थी, उनका भाव नकारात्मक था, इसलिए वे स्वयं नष्ट हो गए। जिन लोगों ने भारत के भाव और मूल भावना को मिटाने का प्रयास किया, वे इतिहास में सिर्फ नाम के लिए शेष रह गए हैं।
देश के विकास की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत बनाने की यह यात्रा केवल सरकार की अकेली यात्रा नहीं है, बल्कि देश के 140 करोड़ भारतवासियों को मिलकर इसे तय करना है। विकसित भारत की संकल्पना तब पूरी होगी, जब सकारात्मक भाव के साथ हर व्यक्ति अपने-अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करे। जब हर नागरिक अपने कर्म क्षेत्र में सबसे श्रेष्ठ करने की दिशा में आगे बढ़ेगा, तो निश्चित रूप से भारत एक विकसित भारत बनेगा और हमारा उत्तर प्रदेश एक विकसित उत्तर प्रदेश बनेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख गणमान्य अतिथि
लखनऊ पुलिस लाइन में आयोजित इस श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह में शासन और प्रशासन की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम में राज्य के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और ऊर्जा राज्य मंत्री कैलाश राजपूत उपस्थित रहे। इसके अलावा प्रदेश के पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा और पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने भी समारोह में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
समारोह में लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, विधायक जय देवी, विधायक अमरेश कुमार और विधायक ओपी श्रीवास्तव शामिल हुए। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के वर्ग से मुख्य सचिव एसपी गोयल, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण और अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद सहित कई अन्य गणमान्य अतिथि विशेष रूप से मौजूद रहे।
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