टैक्सपेयर्स के पैसों की भारी बर्बादी: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पैतृक घर पर 20 साल से नहीं रहता कोई, फिर भी 15 पीएसी जवान 24 घंटे दे रहे हैं सुरक्षा ड्यूटी
उत्तर प्रदेश के चंदौली स्थित पुश्तैनी आवास का मामला; वीआईपी कल्चर और सरकारी अमले के दुरुपयोग पर उठ रहे गंभीर सवाल
लखनऊ: देश और प्रदेश में वीआईपी कल्चर और जनता की गाढ़ी कमाई के दुरुपयोग का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पैतृक घर में पिछले 20 साल से कोई भी परिवार या सदस्य नहीं रहता है, इसके बावजूद उस सूने घर की सुरक्षा में पिछले दो दशकों से प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) का पूरा कैंप तैनात है। इस पुश्तैनी मकान पर 15 पीएसी जवान चौबीसों घंटे ड्यूटी दे रहे हैं, जिसे लेकर आम नागरिकों और टैक्सपेयर्स के पैसों की बर्बादी पर तीखे सवाल खड़े होने लगे हैं।
चंदौली के पैतृक घर का मामला:
ये भी पढ़ें सहारनपुर PNB करेंसी चेस्ट में मिला जाली नोटों का बड़ा जखीरा, आंकड़ा पहुंचा 17.29 करोड़ के पारयह पूरा मामला उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से जुड़ा है, जहां देश के रक्षा मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता राजनाथ सिंह का पैतृक घर स्थित है। स्थानीय सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस आवास में पिछले 20 वर्षों से परिवार का कोई भी सदस्य नहीं रहता है, और मकान पूरी तरह से खाली व सूना रहता है। इसके बावजूद सुरक्षा प्रोटोकॉल और वीआईपी व्यवस्था के नाम पर वहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
टैक्सपेयर्स के पैसों की बर्बादी पर सवाल:
सरकारी आंकड़ों और सुरक्षा व्यवस्था के जानकारों का कहना है कि एक तरफ जहां थानों और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए पुलिस बल की भारी कमी बनी रहती है, वहीं दूसरी तरफ केवल एक खाली पड़े वीआईपी मकान की रखवाली के लिए 15 जवानों का पूरा पीएसी कैंप 24 घंटे तैनात रखना प्रशासनिक संसाधनों का गंभीर दुरुपयोग है। जनता की गाढ़ी कमाई से मिलने वाले टैक्स के पैसों से चलने वाले इन जवानों का इस तरह एक सूने मकान पर पहरा देना कई बड़े और गंभीर सवाल खड़े करता है।
इस व्यवस्था को लेकर अब राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ आम जनता के बीच भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जहां लोग इसे वीआईपी कल्चर की पराकाष्ठा और सरकारी धन का खुला अपव्यय मान रहे हैं।
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