मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद की चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने बुधवार को कहा कि शहर की जनता के हितों की रक्षा के साथ ही समस्याओं के निस्तारण के लिए नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह से संवेदनशील होकर कार्य कर रहा है। लेकिन कुछ लोग अपनी नकारात्मक मानसिकता के कारण लगातार जनहितों के लिए किए जा रहे कार्य को अनदेखा करते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय आरोप लगाकर जनता को गुमराह और भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। वह खुद जानते हैं कि शहरी क्षेत्र में बंदर और आवारा कुत्तों की समस्या गंभीर है, इसके लिए पालिका ने सबसे पहले बंदरों को पकड़वाने के लिए काम किया। उन्होंने कहा कि आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई नियम नहीं है लेकिन फिर भी हम स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर इसका समाधान तलाश में में जुटे हुए हैं। पालिका दूसरे चरण में बंदर पकड़ो अभियान गुरुवार से प्रारंभ कर रही है, इससे पहले अभियान में ढाई सौ बंदरों को जंगल में छुड़वाया जा चुका है।
बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में नगर क्षेत्र में आवारा कुत्तों और बंदरों के कारण लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए एक महिला सभासद द्वारा यह आरोप लगाया गया है कि उनके द्वारा बोर्ड मीटिंग में बंदरों से निजात दिलाने के लिए आवाज उठाई गई थी लेकिन पालिका ने कोई काम नहीं किया और उन्होंने इसी कारण बोर्ड बैठक में जाना ही छोड़ दिया है।
इसी को लेकर नगर पालिका परिषद की चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने बताया कि पालिका प्रशासन जनहितों के लिए संवेदनशील होकर काम कर रहा है। जनता की समस्याओं के निस्तारण के लिए संपूर्ण बोर्ड एक साथ रहते हुए अनेक फैसला ले रहा है। पालिका द्वारा शहरी क्षेत्र से बंदरों को पकड़ने का अभियान बहुत पहले शुरू कर दिया गया है। बोर्ड की स्वीकृति मिलने के बाद पालिका द्वारा अन्वी एंटरप्राइजेज को बंदर पकड़ने का ठेका दिया गया है जिसमें प्रति बंदर ₹500 का भुगतान पे किया गया है। मीनाक्षी स्वरूप ने बताया कि पहले चरण में ठेकेदार फर्म के द्वारा विशेष टीम बुलाकर शहरी क्षेत्र में अभियान चलाते हुए ढाई सौ बंदरों को पकड़ा गया था और इनको शुकतीर्थ जंगल में छोड़ा जा चुका है।
इस अभियान का दूसरा चरण शुरू करने की तैयारी पूर्ण की जा चुकी है। गुरुवार 27 फरवरी से इसका शुभारंभ शहर के वार्ड 49 से किया जाएगा। टीम अपनी तैयारी के साथ शहर में आ चुकी है बुधवार को महाशिवरात्रि होने के कारण यह अभियान शुरू नहीं किया जा सका है। इसके साथ ही शहर में बढ़ रही आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए भी पालिका पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है। लेकिन पशु क्रूरता नियमों के चलते आवारा कुत्तों को पकड़ा नहीं जा सकता है इसके लिए बने नियमों के अनुसार उनकी नसबंदी करने पर हमने विचार किया है। इसके लिए हमने स्वास्थ्य विभाग से विशेषज्ञ चिकित्सक और टीम की मांग की है। शीघ्र ही टीम मिलने का आश्वासन पालिका को मिला है टीम मिलने के बाद पालिका शहर के सभी वार्डों में आवारा कुत्तों की नसबंदी करने का काम करेगी ताकि इनके प्रजनन को रोका जा सके।
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चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि हम सभी जनता के प्रति अपने दायित्वों से बंधे हैं। हमें जनता के हितों के लिए बोर्ड बैठक में आकर अपनी बात रखनी चाहिए। बोर्ड बैठक में ना आना या इसका बहिष्कार करना यह साबित करता है कि ऐसी सोच के लोग जनता के हितों के प्रति ना तो वफादार हैं और ना ही जनता के दिए गई जिम्मेदारी को निभाने के काबिल हैं।अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लेना किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता है। हमें जनता के बीच रहकर चुनौतियों से निपटते हुए जनता के लिए काम करना है इसीलिए जनता ने वोट देकर हमें यहां भेजा है। उन्होंने विश्वास दिलाते हुए कहा कि जनता की हर समस्या के लिए पालिका प्रशासन अपनी पूर्ण जिम्मेदारी के साथ काम करेगा। कोई भी व्यक्ति अभियान के दौरान अपने क्षेत्र में बंदर पकड़वाने के लिए पालिका के मुख्य कार्यालय या स्वयं उनके कैंप कार्यालय पटेल नगर आकर अपनी समस्या रख सकता है।