नई दिल्ली। दिल्ली दंगों के मामले में सोमवार को उच्चतम न्यायालय ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की खंडपीठ ने मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। न्यायालय के इस फैसले के बाद दोनों आरोपियों को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। वहीं, राहत भरी खबर उन 5 अन्य आरोपियों के लिए आई है, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने 12 कड़ी शर्तों के साथ जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
उल्लेखनीय है कि शीर्ष अदालत ने 10 दिसंबर को दिल्ली पुलिस और आरोपियों के वकीलों की लंबी दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को फैसला सुनाते हुए अदालत ने स्पष्ट किया कि खालिद और इमाम के खिलाफ आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें फिलहाल राहत नहीं दी जा सकती। दूसरी ओर, जिन 5 आरोपियों को जमानत मिली है, उन्हें अदालत द्वारा निर्धारित सभी शर्तों का सख्ती से पालन करना होगा।
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे न्याय की जीत बताया है। बीजेपी का कहना है कि दंगों की साजिश रचने वालों को कानून के दायरे में रहना ही होगा।