मुजफ्फरनगर। जनपद में गुरुवार सुबह योग साधना केंद्र बघरा के संस्थापक स्वामी यशवीर महाराज द्वारा सोशल मीडिया पर डाली गई एक पोस्ट से सनसनी फैल गई। पोस्ट में तितावी थाना क्षेत्र के गांव खेड़ी दूधाधारी में कथित रूप से बांग्लादेशी रोहिंग्या मुसलमानों के अवैध रूप से रहने का दावा किया गया। स्वामी यशवीर महाराज ने वीडियो बयान में आरोप लगाया कि गांव में लगभग 50 से 60 परिवार सरकारी जमीन पर कब्जा कर पहचान छुपाकर रह रहे हैं।
जांच में सामने आया कि जिन परिवारों को बांग्लादेशी रोहिंग्या बताया जा रहा था, वे वास्तव में प्रजापति समाज के हिंदू परिवार हैं। ये परिवार लगभग 10 से 12 साल पहले शामली जिले से काम की तलाश में गांव आए थे और कोल्हू व ईंट-भट्टों पर मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे हैं। गांव के कुछ भट्टा और कोल्हू संचालकों ने इन्हें सस्ते दाम पर जमीन देकर बसाया था।
ग्रामीणों के अनुसार इन परिवारों की झोपड़ियों में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां और धार्मिक चित्र लगे हैं। बीएलओ ने बताया कि सभी परिवारों के पास आधार कार्ड, पहचान पत्र, 2003 की वोटर लिस्ट में नाम और एसआईआर से जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं।
पूर्व प्रधान के पुत्र का आरोप है कि आगामी पंचायत चुनाव को देखते हुए वर्तमान प्रधान इसे चुनावी मुद्दा बनाकर इन परिवारों के वोट कटवाने की कोशिश कर रहा है।
पुलिस और जिला प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। अब यह मामला पंचायत चुनाव और मतदाताओं के ध्रुवीकरण से जुड़ा देखा जा रहा है। प्रशासनिक जांच के बाद ही सच्चाई पूरी तरह सामने आएगी।
